बिजली कम्पनियों के सलाहकार पर लगे आरोप,, केन्द्र से मिली राशि में भारी भष्ट्राचार : डी आर राठौड़

98

जयपुर 9 अगस्त 2022।(निक विशेष) राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग अनुसूचित जाति जनजाति एवं अल्पसंख्यक महासंघ ने राज्य सरकार से सातों बिजली कंपनियों के सलाहकार बनाए गए ए के गुप्ता की तत्काल प्रभाव से बर्खास्तगी की एवं गिरफ्तारी की मांग की है।

महासंघ के अध्यक्ष डी आर राठौड़ ने प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया कि गुप्ता ने विभिन्न पदों पर रहते हुए केंद्र सरकार से आए अरबों रुपए डकार लिए और गरीब आदमी तक सुधार कार्यक्रम का लाभ नहीं पहुंचने दिया। राज्य सरकार ने इन कंपनियों के मुखिया पद पर भ्रष्ट एवं अयोग्य तथा अकुशल अधिकारी केके गुप्ता को एमडी जयपुर डिस्कॉम जोधपुर डिस्कॉम और बाद में सातों कंपनियों के निर्देशक एवं राज्य सरकार के ऊर्जा सलाहकार पद पर नियुक्त कर भ्रष्टाचार पर मुहर लगा दी है जबकि गुप्ता के भ्रष्टाचार की परतें एवं काले कारनामे फाइलों में दबे हुए हैं इस भ्रष्ट अधिकारी को सरकार का संरक्षण होने से वह बेखौफ होकर अपने काले कारनामे को अंजाम दे रहा है।
उन्होंने बताया की केंद्र सरकार की RAPDRP एवम SCADA योजनाओं में कंपनियों को अरबों रुपए की राशि मिली थी जिसकी क्रियान्वयन के लिए जो निविदाएं निकाली गई व कार्य आदेश दिए गए थे इनमें एके गुप्ता ने बतौर जोधपुर डिस्कॉम एमडी जो भ्रष्टाचार किया उसका परिवाद एसीबी में दर्ज हुआ जो आज भी लंबित है।
जयपुर डिस्कॉम द्वारा केंद्र सरकार के IDPS.DDUGJY के क्रियांनवयन के लिए जारी निविेदा व कार्य देशों में भी ए.के. गुप्ता द्वारा एमडी जयपुर डिस्कॉम के पद पर की गई अनियमितताओं की जांच एसीबी में 110 करोड़ एवं 55 करोड़ की राशि का भ्रष्टाचार करने पर दो परिवाद दर्ज हुए हैं। यह प्रकरण स्वास्तिक इलेक्ट्रिकल्स एवं फर्जिलाइजर मोतीलाल अटल रोड जयपुर वह मैसेज गैलेक्सी कोनकेब प्रथम सीतापुरा जयपुर से संबंधित है इन दोनों फर्मा के एक कार्य आदेश IPDS.Scheme जयपुर शहर वृत जेसीसी में कार्य करने हेतु क्रमश रुपए 95.16 करोड़ रुपए 14.13 करोड़ के कार्य आदेश दिए गए हैं। इसी तरह दूसरी फॉर्म मैसर्स गैलेक्सी कोनकेब को आईपीडीएस स्कीम में शहर उत्तर जीसीसी में कार्य करने हेतु 43. 62 करोड़ 1224 करोड़ के कार्य आदेश दिए गए थे ।

    उक्त फर्मों में ना तो कार्य के दौरान जो पुराना सामान उतारा था उसको निगम के भंडार में जमा करवाया और जितना सामान कार्य के लिए क्रेता से प्राप्त किया गया उसे पूरा नहीं लगाया वह भुगतान पूरे सामान का प्राप्त कर लिया कार्य को आई एक्ट व रूसीसीए रेगुलेशन के तहत जो सेफ्टी के मापदंड होने चाहिए उनके अनुरूप नहीं किया गया कार्य की वर्क मैन शिप बहुत ही निम्न स्तर की है फोरम ने सामान करें के मूल इनवॉइस जो कि जिस फर्म से सामान करें किया को क्रेता से वेरीफाई करवाने के बजाय अपने स्वयं के इनवॉइस देकर वेरीफाई करवाया जो कि गलत है।

    ओपन लिंक फॉर this news

    हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले,,

    इस संबंध में डीआर राठौर द्वारा दो अलग.अलग परिवार भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में दर्ज करवाई गई है जिसकी जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसीबी द्वारा की जा रही है किंतु राज्य सरकार की मेहरबानी से एवं प्रभाव से 2 वर्ष बाद भी प्रभावी कार्यवाही नहीं हो सकी बल्कि मामला लंबित चल रहा है।
    राठौड़ ने आरोप लगाया कि गुप्ता द्वारा अर्जित अटूट काले धन व बेनामी संपत्ति का मालिक होने व आयकर चोरी करने का पता लगने पर आयकर विभाग में भी जुलाई 2019 में प्रकरण दर्ज हुआ है इसके संबंध में आयकर विभाग के सहायक निदेशक इन्वेस्टिगेशन प्रथम जयपुर द्वारा बयान देने एवं जांच करने के संबंध में पत्र जारी हुआ था और प्रकरण अभी भी विस्तृत जांच हेतु लंबित है क्योंकि गुप्ता इसको अपने राजनैतिक प्रभाव के कारण रफा.दफा करवाने में लगे हुए हैं।