घुमंतु ,अर्ध घुमंतु तथा विमुक्त जाति के लगभग 70 संगठनों द्वारा 20 जून को जयपुर में महापड़ाव की घोषणा,, “रावण बस्ती मानसरोवर अग्निकांड मामला”सीरीज – 3

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महापड़ाव के लिए गंगानगर में मिला भारी समर्थन
विकास की मुख्यधारा से जुड़ने तक घुमंतू जातियों का संघर्ष का ऐलान,,,,,

जयपुर 8 जून 2022।(निक विशेष) रावण बस्ती,मानसरोवर में रह रहे घुमंतु अर्ध घुमंतु तथा विमुक्त परिवारों के घर को जला देने के बाद इस समाज में भारी रोष है जिसके चलते समाज के विभिन्न मांगों को लेकर महापड़ाव का आयोजन किया जा रहा हैं।
महापड़ाव की सफलता के लिए प्रदेशभर के दौरे में निकले घुमंतु अर्ध, घुमंतु तथा विमुक्त जाति परिषद के प्रदेश अध्यक्ष रतन नाथ कालबेलिया ने गंगानगर के‌ रंग महल जोगी सपेरा समाज के मुखिया सरजीत नाथ, सामाजिक नेता बलबीर नाथ, गंगानगर जिले के अध्यक्ष रामनाथ जिला महासचिव विनोद नाथ सपेरा आदि लोगों को साथ लेकर सपेरा समाज के धर्मगुरु जालंधर नाथ से आशीर्वाद प्राप्त करते हुए उन के सानिध्य में गंगानगर जिले के समाज के नेताओं की उपस्थिति में चर्चा की ,चर्चा में उपस्थित सभी वक्ताओं ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि इतनी बड़ी घटना घटने के बावजूद सरकार या विपक्ष का कोई भी बड़ा नेता जयपुर के घटनास्थल पर नहीं पहुंचा जो समाज के प्रति इन राजनेताओं के रवैया को दिखाता है,

रतन नाथ कालबेलिया ने कहा की जंगल की जमीनों में तथा सरकारी जमीनों में पैसे वालों ने अवैध रूप से कब्जा कर बड़े-बड़े महल बना लिए हैं लेकिन हम गरीब लोगों को अपनी-अपनी बस्ती में बसे हुए 30 वर्ष लगभग हो चुके हैं लेकिन हमारी बस्तियों में रहने वाले लोगों के लिए एक मकान बनाकर देने में सरकार विफल रही है जबकि हमारे पास राशन कार्ड वोटर आईडी आधार कार्ड यहां तक कि बिजली के कनेक्शन तक हैं फिर भी सरकार की नियत हमें हमेशा खानाबदोश रखने की है जो अब स्वीकार्य नहीं होगा ,चाहे किसी की भी सरकार हो घुमंतु ,अर्ध घुमंतु तथा विमुक्त जाति से जुड़े लोगों के लिए योजनाएं सिर्फ चुनाव तक सीमित होकर रह गई हैं.

    गंगानगर जिले के जोगी सपेरा समाज के धर्मगुरु जालंधर नाथ ने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि वे जब तक अपने भविष्य को सुनिश्चित न कर लें और हमारी भावी पीढ़ी को भी सरकारी नौकरियां दिलाने लायक न कर लें तब तक चुप ना रहें प्रजातंत्र में हक मांगने से नहीं मिलता है संख्या बल दिखाकर उसे सरकारों से प्राप्त करना पड़ता है उन्होंने आह्वान किया की सभी समाज के नेता राजनीतिक दलों से पहले समाज के लिए सोचें और इस महापड़ाव को सफल करें.
    रतन नाथ कालबेलिया ने बताया कि 20 जून के महापड़ाव के बाद वह शांत नहीं रहेंगे जब तक हमारे लोगों को पक्की छत नहीं मिल जाती है ,हमारे बच्चों को उचित शिक्षा की व्यवस्था नहीं हो जाती है तब तक हम लोग संघर्ष करते रहेंगे और हम लक्ष्य प्राप्त कर कर ही मानेंगे।

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    पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास कूच को रोका. पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने दिया मुख्यमंत्री को ज्ञापन. 70 से अधिक घुमंतु ,अर्ध घुमंतु, विमुक्त जाति संगठनों का प्रदर्शन. रावण बस्ती मानसरोवर अग्निकांड, सीरीज — 2

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