चेस्ट कौंसिल ऑफ इंडिया राजस्थान शाखा द्वारा राज्य के परिपेक्ष से थोरासिक सर्जरी की स्थिति पर चर्चा करने के उद्देश्य से प्रथम अकादमिक सत्र का आयोजन किया गया ,,, थोरैसिक सर्जरी एक अति-विशिष्ट तकनीक है,, जिसका उपयोग थोरेक्स या छाती में विभिन्न स्थितियो का इलाज करने के लिए किया जाता है,,

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.अंकित बंसल, कंसल्टेंट पल्मोनोलॉजिस्ट, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर, एवं जोनल डायरेक्टर चेस्ट कौंसिल ऑफ इंडिया, डॉ. हेमेंद्र शर्मा- सीनियर कंसल्टेंट, वीडियो-असिस्टेड थोरैकोस्कोपिक सर्जरी (वीएटीएस) और मिनिमल-इनवेसिव सर्जरी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर, और डॉ. विवेक मित्तल, सीनियर कंसल्टेंट, क्रिटिकल केयर, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल, जयपुर ने सभा को सम्बोधित किया।

जानकारी के अभाव में मरीज उपचार के लिए जा रहे है राज्य से बाहर जबकि राजधानी में थोरासिक सर्जरी के लिए कुशल टीम व अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है |

जयपुर 17 जनवरी,2020 । (निक चिकित्सा) चेस्ट कौंसिल ऑफ इंडिया राजस्थान शाखा द्वारा राज्य के परिपेक्ष से थोरासिक सर्जरी की स्थिति पर चर्चा करने के उद्देश्य से प्रथम अकादमिक सत्र का आयोजन किया गया| सत्र में डॉ.अंकित बंसल, कंसल्टेंट पल्मोनोलॉजिस्ट, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर, एवं जोनल डायरेक्टर चेस्ट कौंसिल ऑफ इंडिया, डॉ. हेमेंद्र शर्मा- सीनियर कंसल्टेंट, वीडियो-असिस्टेड थोरैकोस्कोपिक सर्जरी (वीएटीएस) और मिनिमल -इनवेसिव सर्जरी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर, और डॉ. विवेक मित्तल, सीनियर कंसल्टेंट, क्रिटिकल केयर, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल, जयपुर ने सत्र को विशेषक प्रवक्ता के रूप में संबोधित किया |

डॉ. अंकित बंसल ने बताया कि, “थोरेसिक सर्जरी छाती के रोगों में अत्यंत कारगर है जैसे ब्रोंकाइटिस, फेफड़ों का कैंसर, धमनियों में रुकावट, फेफड़ों में पानी भरना या संक्रमण | इस सर्जरी में थोरेसिक सर्जन एवं चेस्ट फिजिशियन दोनों की अहम भूमिका होती है सामान्यतया छाती में जकड़न या दर्द की समस्या के मद्देनजर मरीज साधारण फिजीशियन या पल्मनोलॉजिस्ट की परामर्श लेते हैं| छाती के रोगों में किन परिस्थितियों में थोरेसिक कैविटी में प्रविष्ट किया जाए यह है सुनिश्चित किए जाने पर थोरेसिक सर्जरी एक विशिष्ट कारगर प्रोसीजर है एवं प्रभावी है | हालांकि यह देखा गया है कि विशेष सर्जिकल कौशल की आवश्यकता के मद्देनजर कुछ ही चिकित्सक यह प्रोसीजर करते हैं| यह शैक्षणिक सत्र उन प्रमुख नामों को एक साथ लाया, जिन्होंने इस क्षेत्र में सफलतापूर्वक प्रैक्टिस की है और स्थिति का जानकारी ली कि क्यों राजस्थान में डॉक्टरों के बीच थोरैसिक सर्जरी उतनी लोकप्रिय नहीं हो सकी है जितनी होनी चाहिए। फोर्टिस एस्कॉर्ट्स राजस्थान के कुछ अस्पतालों में से एक है जिसमें मिनिमल इनवेसिव थोरैसिक सर्जरी द्वारा कई मरीजों का सफलतापूर्वक उपचार किया जा चुका हैं|

. हेमेंद्र शर्मा ने कहा कि इस सर्जरी के लिए विशेष सर्जिकल कौशल व डॉक्टर डॉक्टर डॉक्टर अनुभव की आवश्यकता होती है इसीलिए सीमित केंद्रों पर यह सर्जरी की जाती है | जानकारी के अभाव में अधिकांश मरीज दूसरे राज्यों में इलाज करवा रहे हैं जिससे उन्हें कई व्यक्तिय एवं मानसिक परेशानियां भी उठानी पड़ती है| चिकित्सकों में थोरेसिक सर्जरी के चिकित्सकीय परिणाम उपचार केंद्र एवं अनुभवी टीम के संदर्भ में जानकारी साझा करने के उद्देश्य से असेंबली का आयोजन किया गया है |

थोरैसिक सर्जरी एक अति-विशिष्ट तकनीक है जिसका उपयोग थोरैसिक या छाती में कई स्थितियों जैसे ब्रोन्किइक्टेसिस, फेफड़े के कैंसर या ट्यूमर, कोरोनरी धमनी रोग (धमनी रुकावट), मायोकार्डियल इन्फैक्शन (दिल का दौरा), वाल्वुलर स्टेनोसिस (वाल्व का सिकुडना या अवरुद्ध होना ) के इलाज के लिए किया जाता है। आर्टिरियल फिब्रिलेशन, आहार नली का कैंसर और अन्नप्रणाली(घेघा) की सौम्य स्थिति और कई अन्य स्थितियों में किया जाता है।