प्लास्टइण्डिया फाउण्डेशन ने अन्तर्राष्ट्रीय प्लास्टिक प्रदर्शनी, कॉन्फ्रेंस और कन्वेंशन प्लास्टइण्डिया, 2023 के 11वें संस्करण की घोषणा,,

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भारत को विश्व स्तर पर प्लास्टिक के लिए पसंदीदा सोर्सिंग हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम करेगी

- राजस्थान प्लास्टिक उद्योग की क्षमता पर प्रकाश डाला जाएगा, जिसमें 15000 से अधिक लोग कार्यरत हैं और इसमें 1000 प्रोसेसिंग यूनिट्स शामिल हैं

- विजीटर्स अर्लीबड छूट का लाभ उठाने के लिए तुरंत पंजीकरण कर सकते हैं

जयपुर, 17 नवम्बर, 2022।(निक वाणिज्य) प्लास्टिक से जुड़े सभी प्रमुख संघों, संगठनों और संस्थानों की शीर्ष निकाय प्लास्ट इण्डिया फाउण्डेशन ने आज अपने अन्तर्राष्ट्रीय प्लास्टिक प्रदर्शनी, कॉन्फ्रेंस और सम्मेलन के 11वां संस्करण प्लास्टइण्डिया 2023 की घोषणा की। इसका आयोजन नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 01 से 05 फरवरी 2023 तक आयोजित किया जाएगा। प्लास्टइण्डिया 2023 आधुनिक तकनीकों को सुविधाजनक बनाने के लिए नवाचार, स्थिरता और विकास पर ध्यान केन्द्रित करेगा जो एक स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में मदद करेगा और स्थायी आर्थिक विकास की ओर ले जाएगा। श्रीमती शकुंतला रावत जी, माननीय उद्योग मंत्री, राज्य उपक्रम देवस्थान, राजस्थान सरकार; श्री. महेश जोशी जी, माननीय जन स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री, भूजल विभाग, जिगीश दोशी अध्यक्ष प्लास्टइण्डिया फाउण्डेशन; अजय शाह, अध्यक्ष, एनईसी प्लास्टइण्डिया 2023, पद्मजा रेढ्डी, को - चेयरपर्सन स्ंवर्द्धन समिति, आलोक टिबरेवाला, को - अध्यक्ष वित्त समिति के साथ ही प्लास्टिक मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन राजस्थान के अध्यक्ष श्रवण शर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित उपस्थित रहे।
प्लास्टइण्डिया 2023 प्रगति मैदान में 150 एकड़ क्षेत्र के प्रदर्शन स्थल पर 4.2 मिलियन वर्ग फुट के कुल निर्मित क्षेत्र में आयोजित की जा रही है । इस आयोजन को बहुत अच्छी प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है और प्रगति मैदान में सभी हॉल, नए और पुराने, प्रदर्शनी के लिए बुक हो चुके हैं। यहां दुनिया भर से लगभग 2000 एक्जीबिटर्स अपने उत्पादों और प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन करेंगे।
गौरलतब है भारत में प्लास्टिक का उत्पादन और खपत पिछले 3 दशकों में कई गुना बढ़ गया है। वर्ष 1990 में जहां प्लास्टिक की खपत महज 0.9 एमएमटी थी उसके मुकाबले साल 2021-22 में यह बढ़ कर 22 एमएमटी हो गई है। वर्तमान में यह उद्योग 4 मिलियन से अधिक लोगों को रोजगार दे रहा है और इसमें 50,000 से अधिक प्रोसेसिंग यूनिट्स शामिल हैं, जिनमें से 80 प्रतिशत छोटे और मध्यम आकार के उद्यम हैं। वर्ष 2025 तक इस सेक्टर के 9.1 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
राजस्थान प्लास्टिक उद्योग में पीपी/पीई 3,50,000 एमटीए (200+150) और पीवीसी और अन्य 1,50,000 एमटीए शामिल हैं। यह उद्योग 15000 से 17000 लोगों को रोजगार दे रहा है और इसकी 1000 से अधिक प्रोसेसिंग यूनिट्स कार्यरत हैं। राजस्थान राज्य में प्लास्टिक पैकेजिंग सामग्री की अत्यधिक मांग है क्योंकि यह प्रदेश सीमेंट, कपड़ा, खनिज, खाद्य तेल, कृषि उत्पाद, हस्तशिल्प आदि का प्रमुख निर्माण केन्द्र बन चुका है। प्लास्टिक उद्योग इन बड़े पैमाने के उद्योगों की पैकेजिंग आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्लास्टिक पैकेजिंग के अलावा, राज्य में प्लास्टिक निर्माण इकाइयों की एक बड़ी संख्या है जो सिंचाई और जल परिवहन के लिए एचडीपीई/पीवीसी पाइप, खाद्य तेल पैकेजिंग के लिए ब्लो मोल्डिंग जार, ऑटोमोटिव क्षेत्र के लिए कंपाउंडिंग, इंजेक्शन मोल्डेड घरेलू सामान का उत्पादन करती है।

फाउंण्डेशन ने इस प्रदर्शनी के लिए एक विजिटर रजिस्ट्रेशन ऐप भी लॉन्च किया है। इस ऐप का उपयोग करके दुनिया भर के विजीटर्स आयोजन के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। यह ऐप लोगों को आयोजन के लिए तुरन्त पंजीकरण करने और अर्ली बर्ड छूट का लाभ उठाने की सुविधा भी प्रदान करेगा।
इस अवसर पर प्लास्टइण्डिया फाउण्डेशन के अध्यक्ष श्री जिगीश दोशी ने कहा, प्लास्टइडिया फाउण्डेशन के तत्वावधान में प्रदर्शनियों की प्लास्टइण्डिया सीरीज, निवेशकों और उद्योगपतियों को अपनी उपस्थिति का विस्तार करने के बढ़ते अवसर प्रदान करती है। इस शो में प्लास्टिक उत्पादकों, प्रोसेसरों और प्लास्टिक के उपयोगकर्ताओं के सभी पहलुओं को शामिल किया गया है, और इसमें भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बिरादरी दोनों की गहन भागीदारी देखने को मिल रही है।
इन वर्षों में, प्लास्टिक उद्योग ने एडवांस इनोवेशन और विकसित पर्यावरण के अनुकूल प्रोसेसिंग और उपयोग तकनीकों के साथ खुद को फिर से स्थापित किया है जो पर्यावरण को प्रभावित नहीं करते हैं। प्लास्टइण्डिया 2023 के लॉन्च के साथ, फाउण्डेशन ने प्लास्टिक उद्योग में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए 10 लक्ष्यों को साझा किया हैः-

- भारत को प्लास्टिक निर्माण के लिए नम्बर एक गंतव्य बनाना

- भारतीय प्लास्टिक उद्योग के विकास को सुगम बनाना

- देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना

- भारत को प्लास्टिक के लिए वैश्विक सोर्सिंग हब बनाएं

- नई नवीन तकनीकों को प्रोत्साहित करना

- भारतीय प्लास्टिक उद्योग के लिए तकनीकी रूप से कुशल जनशक्ति बढ़ाना

- प्लास्टिक निर्यात को बढ़ाना

- प्लास्टिक उद्योग की प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि करना

- वैश्विक संस्थाओं तक पहुंच के लिए अवसरों को प्रदर्शित करना

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    प्लास्टिक उद्योग और प्लास्टिक के उपयोग से जुड़े क्षेत्रों के विकास के उत्प्रेरक के रूप में कार्य करें।
    प्लास्टइण्डिया 2023 के अध्यक्ष, राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद श्री अजय शाह ने कहा, राजस्थान के प्लास्टिक उद्योग ने जो जबरदस्त विकास देखा है, वह इसकी अपार क्षमता को दर्शाता है। प्लास्टइण्डिया 2023 राज्य के प्लास्टिक निर्माताओं को उद्योग में नवीनतम तकनीकी इनोवशन्स को उजागर करके एक अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्रदान करेगा। उन्होंने आगे कहा प्रदर्शनी स्थल 100 प्रतिशत बुक हो चुका है और तैयारी जोरों पर है। हम प्लास्टिक को और विकसित करने के लिए राज्य और केन्द्र सरकारों और उद्योग के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और नवीन और आधुनिक निर्माण तकनीकों की दिशा में काम करते हैं जो पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के लिए टिकाऊ होंगी।
    11वीं प्लास्टइण्डिया प्रदर्शनी 1 से 5 फरवरी 2023 तक प्रगति मैदान, नई दिल्ली, के नवनिर्मित स्टेट ऑफ द आर्ट इन्टरनेशनल एक्जीबिशन सेंटर में आयोजित की जाएगी। यह प्रदर्शनी प्रदर्शकों को प्रोसेसिंग, मशीनरी, मोल्ड्स, और डाईज, ऑक्जिलरी इक्विपमेंट, प्रिंटिंग और पैकेजिंग, कच्चे माल आदि में अपने नए इनोवेशन्स को प्रदर्शित करने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करेगी।