सांवराद में श्रद्धांजलि सभा और विशाल रक्तदान शिविर 24 को,,

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जयपुर 14 जून 2022।(निक सामाजिक) आनंद पाल सिंह और बलवीर सिंह बानूड़ा की पुण्यतिथि पर नागौर स्थित सांवराद में 24 जून को विशाल श्रद्धांजलि सभा और रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। एबी डोनर्स की तरफ से ये कार्यक्रम लगातार पिछले तीन साल से आयोजित जो रहा है। इसे लेकर मंगलवार सुबह राजपूत सभा भवन में राजपूत सभा अध्यक्ष रामसिंह चंदलाई और महामंत्री बलवीर सिंह हाथौज द्वारा पोस्टर विमोचन किया गया।

एबी डोनर्स के संरक्षक मंजीतपाल सिंह सांवराद ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा व सुशासन की दिशा में कार्यरत एबी डोनर्स संस्था समाज कल्याण में रक्तदान के प्रति जागरुकता के काम में जुटी है। खुद आनन्दपाल सिंह भी हमेशा रक्तदान करने और करवाने के लिए लोगों को ज्यादा से ज्यादा प्रेरित करते थे। दरअसल आनन्दपाल सिंह जी की सोच थी कि ब्लड बैंक ही एक ऐसी जगह है जहां हमारा रक्त बिना किसी जाति धर्म को देखे जान बचाने के काम आता है। मंजीतपाल सिंह ने बताया कि इसलिए सर्वसमाज की ओर से 24 जून को आनन्दपाल की पुण्यतिथि पर विशाल रक्तदान शिविर, श्रद्धांजलि सभा व आभार सभा का आयोजन ग्राम सांवराद नागौर में रखा गया है। इस आयोजन में जहां करीब एक लाख लोगों के शामिल होने की तैयारी है वहीं रक्तदान शिविर में भी कम से कम 20 से 25 हजार यूनिट रक्त संग्रहीत करने का लक्ष्य रखा गया है। भंवर सिंह रेटा ने बताया कि मंगलवार को रक्तदाता दिवस के अवसर पर रक्तदान शिविर का आह्वान और उसके लिए पोस्टर का विमोचन अपने आप में बड़ी बात है।
राधेश्याम सिंह तंवर और उम्मेद सिंह करीरी ने आमजन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हम भाइयों की अनुपस्थिति में आपने हमें परिवार के सदस्य की भाँति विपरीत परिस्थिथियों में मुसीबतों का सामना करते हुए प्रेम, सहयोग व सम्बल प्रदान किया उसके लिए हम आपके ऋणी रहेंगे। हमेशा की भांति भाईसाहब की समाजिक समरसता की विचारधारा को क्रांतिकारी इरादे देने में आप सभी का सहयोग रहता आया है और पूर्ण भरोसा है हमेशा रहेगा।
राजपूत सभा महामंत्री बलवीर सिंह हाथोज ने कहा कि इस लोगों की जान बचाने के लिए रक्तदान का बहुत महत्व है। उन्होंने आह्वान किया कि सांवराद में अधिक से अधिक संख्या में लोग पहुंचे और रक्तदान जैसे पुण्य में भागीदार बनें।

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    संवाददाता सम्मेलन में मोहन सिंह हाथोज, विजेंदर सिंह गुलाबबाड़ी, ओम सिंह राठौड़, अमर सिंह हाथोज, नरेन्द्र सिंह सोलंकी, पृथ्वी सिंह राठौड़, सांवर सिंह टोगड़ा और विजेंदर सिंह मोहनबाड़ी भी मौजूद थे।