कैंसरग्रस्त बोन को रिसायकल कर दोबारा अंग से जोड़ने के परिणाम प्रभावी,, बीएमऑर्थोऑन्कोकॉन के दौरान बोन टयूमर की जांच एवं उपचार की विभिन्न विधाओं पर हुई चर्चा,,

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जयपुर 15 मई 2022।(निक चिकित्सा) भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर की ओर से चल रही इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के अंतिम दिन बोन टयूमर की जांच एवं उपचार की विभिन्न विधाओं पर चर्चा की गई। इसमें टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल मुम्बई की पूर्व विभाध्यक्ष डॉ निर्मला जंबेकर ने बोन ट्यूमर की जांच और कैंसर सेल की पहचान के बारे में कई नवीन जानकारियां दी। इसके साथ ही बोन ट्यूमर के रोगियों में किमोथैरेपी एवं रेडिएशन थैरेपी को ओर किस तरह से प्रभावी बनाया जाए इस पर एम्स दिल्ली के समीर बख्शी, टीएमएच मुंबई के डॉ सिद्धार्थ लष्कर की ओर से विचार-विमर्श किया गया।

कॉन्फ्रेंस के अंतिम दिन सात सेशन आयोजित हुए। जिसमें 26 पेपर एवं केस प्रजेंट किए गए। कॉन्फ्रेंस के आयोजक सचिव डॉ प्रवीण गुप्ता ने बताया कि कॉन्फ्रेंस में देष के चुन्निदा सेंटर्स पर चल रही एडवांस तकनीक को किस तरह से आगे बढाया जाए इस पर गहन चर्चा की गई। इसमें कैंसर ग्रस्त बोन को लिक्विड नाइट्रोजन के जरिए रिसायकल कर दोबारा अंग से जोडने की प्रकिया के केसेज पर भी चर्चा गई। डॉ गुप्ता ने बताया कि ऑर्थोपेडिक सर्जन्स का पहला प्रयास यहीं होता है कि रोगी की रोगग्रस्त बोन को रोग मुक्त करके उसी बोन को शरीर से जोड़ा जाए। ऐसा संभव ना होने पर ही इंप्लांट का उपयोग हो। इसके साथ ही पेषेंट के लिंब सेविंग सर्जरी को किस तरह से बढावा दिया इस पर चर्चा की गई।