राजस्थान धार्मिक भवन एवं स्थल अधिनियम 1954 के नियम अनुसार, थानों में नहीं विकसित होंगे धार्मिक स्थल,, वर्ना संभावना है न्याय प्रभावित होगा,,,,

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जयपुर, 26 अक्टूबर2021।(निक क्राइम) “राजस्थान धार्मिक भवन एवं स्थल अधिनियम 1954” के नियमों की पालना करवाये जाने के संबंध में आज जारी परिपत्र का मुख्य उद्देश्य प्रभावशाली लोगो द्वारा थानो में धार्मिक स्थल निर्माण करवाकर अनावश्यक दखल की संभावना को रोकना है।

अतिरिक्त महानिदेशक आवासन श्री ए पौंनुचामी ने बताया कि प्रभावशाली लोगों द्वारा थानों में जन सहभागिता से धार्मिक स्थल निर्माण करवाकर अपने प्रभाव से आमजन को मिलने वाले न्याय को प्रभावित करने के प्रयास के कतिपय उदाहरण भी सामने आए थे। इसे ध्यान में रखते हुए ही वर्ष 1954 में जारी आदेशो की पालना हेतु परिपत्र जारी किया गया है।

    न्होंने यह भी स्पष्ट किया कि थानो व पुलिस कार्यलयों में अब तक बने पूजा स्थल इस आदेश से अप्रभावित रहेंगे। नए बनने वाले थाना परिसरों में इसके पालन हेतु निर्देशित किया गया है।