कोविड-19- राज्य की नगरीय निकायों द्वारा अपने-अपने संसाधनों से एवं निजी संस्थाओं के माध्यम से ऑक्सीजन गैस प्लाॅन्ट लगाये जा सकेंगे,,

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जयपुर,3 मई 2021।(निक यूडीएच)। नगरीय विकास आवासन एवं स्वायत्त शासन मंत्री शान्ती धारीवाल ने राज्य की सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिये है की कोविड-19 की द्वितीय लहर के दृष्टिगत संक्रमितों की मेडिसिन ऑक्सीजन पर निर्भरता बहुत तेजी से बढ़ रही है, जिसके मध्यनजर राज्य की नगरीय निकायों अपने अपने संसाधनों से एवं निजी संस्थाओं द्वारा ऑक्सीजन गैस संयंत्र स्थापित किए जाने के संबंध में तकनीकी एवं सुरक्षात्मक प्रावधानों के प्रचलित नियमों के अनुसार निकाय स्तर से सुनिश्चितता किए जाने पर सक्षम स्तर से अनुमोदन उपरांत व्यापक जनहित में छूट प्रदान करेगी।
नगरीय विकास आवासन एवं स्वायत्त शासन मंत्री शान्ती धारीवाल ने बताया कीमेडिकल आपूर्ति हेतु ऑक्सीजन गैस प्लांट कृषि, अकृषि भूमि पर स्थापित किए जाने हेतु प्रभावी एवं ड्राफ्ट मास्टर प्लान के समस्त भू-उपयोगों (प्लांटेशन बैल्ट, पार्क, प्ले ग्राउण्ड आदि को छोड़कर) में अनुज्ञेय होंगे।
उन्होने कहा  कि मेडिकल आपूर्ति हेतु ऑक्सीजन गैस प्लांट स्थापित किए जाने हेतु राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 90-ए के आवेदन के साथ भूमि अवाप्ति में न होने कोर्ट में बाद लंबित न होने, भूमि का टाईटल निर्विवादित होने, भूमि प्रतिबंधित श्रेणी में नहीं होने बाबत शपथ पत्र लिया जाकर शपथ के आधार पर 90 ए का आदेश जारी किया जाये। भूमि संबंधित निकाय के नाम दर्ज की जाकर नियमानुसार ले-आउट प्लान/साईट प्लान अनुमोदित कर जारी किया जावे।

अनुमोदन पश्चात उक्त शपथ पत्र में अंकित तथ्यों को गलत पाये जाने की स्थिति में अनुज्ञा/अनुमोदन स्वतः ही निरस्त माना जावेगा। मेडिकल आपूर्ति हेतु ऑक्सीजन गैस प्लांट स्थापित किए जाने हेतु भवन विनियम 2020 के अंतर्गत भवन मानचित्र शुल्क में शत प्रतिशत छूट प्रदान की जाती है।
धारीवाल ने कहा की मेडिकल आपूर्ति हेतु ऑक्सीजन गैस प्लांट स्थापित किए जाने हेतु समस्त क्षेत्रफल के पट्टा विलेख संबंधित निकाय स्तर पर ही जारी किए जायेंगे, राज्य सरकार से पृथक से स्वीकृति आवश्यक नहीं होगी। राजस्थान नगरीय क्षेत्र (कृषि भूमि का गैर-कृषिक प्रयोजन के लिए उपयोग की अनुज्ञा और आवंटन) नियम 2012 के नियम 10 के अंतर्गत देय प्रीमियम में शत प्रतिशत छूट तथा नियम 20 के अंतर्गत लीज राशि में छूट के संबंध में पृथक से अधिसूचना जारी की जा रही है।
सभी नगरीय निकाय महामारी की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए कार्यवाही 7 कार्य दिवस में पूर्ण करेगी ।