सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की अनुपालना ना करने की स्थिति में महिला शक्ति इस लड़ाई को सड़क से न्यायालय की अवमानना तक ले जाएगी – कीर्ति पाठक

305

अजमेर , जयपुर व कोटा में महिला सहायता सेल गठित,,

जयपुर दिनांक 20-3-21।(निक राजनीतिक) आम आदमी पार्टी राजस्थान की महिला शक्ति ने प्रेस वार्ता कर प्रदेश में नित हो रही दुराचार व दुष्कर्म के मामलों पर चिंता जताई व कांग्रेस सरकार को घेरा।

मीडिया को सम्बोधित करते हुए महिला शक्ति प्रदेश अध्यक्ष कीर्ति पाठक ने कहा कि अशोक गहलोत के सत्ता में आने के बाद उन का ध्यान अपनी सत्ता को बचाने से इतर और कहीं नहीं है , जनता के टैक्स के पैसों से एक रिज़ॉर्ट से दूसरे रिज़ॉर्ट में बाडबंदी करते हुए मुख्यमंत्री फ़ोन टैपिंग कर अपनी सरकार को बचाने की जुगत में लगे हुए हैं। प्रदेश की महिला आज घर से लेकर सड़क और सड़क से ले कर थानों में कहीं भी सुरक्षित नहीं है। रोज़ बलात्कार , गैंग रेप और पोक्सो मामले अख़बार की सुर्ख़ियाँ बने रहते हैं। सरकार क़ानून व्यवस्था की स्थिति को सामान्य रखने में असफल रही है।

वर्ष 2020 – 2021 के बीच बलात्कार व अत्याचार के मामले और उन के निस्तारण के बीच एक बड़ा अंतर है। जाँच ही में 37%पेंडेंसी ( pendency ) है।

उन्होंने सरकार से माँग की कि पुलिस कर्मियों को प्रोटकॉल की duty से हटा कर महिला सुरक्षा में लगाया जाए , सभी थानों व सड़क व गलियों में cctv कैमरा लगाए जाएँ , महिला अपराध की मॉनिटरिंग हेतु एक अलग विभाग हो जो प्रति दिवस का आँकड़ा सार्वजनिक करते के साथ मामले के त्वरित व समयबद्ध निस्तारण हेतु कार्य करे।

कीर्ति पाठक ने आप महिला शक्ति के सकारात्मक प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अजमेर , जयपुर व कोटा में एक स्पेशल सेल की स्थापना की जा रही है जो पीड़ित महिलाओं की सहायता हेतु तत्पर रहेगा।

तीसरी आँख नामक अभियान को launch करते हुए उन्होंने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जाँच एजेन्सी को cctv कैमरा लगाने को पाबंद किया गया है और आम आदमी पार्टी महिला शक्ति इस अभियान द्वारा सीसीटीवी कैमरा लगवाने हेतु सार्थक प्रयास करेगी और यदि सरकार की ओर से कोताही होती है तो सड़क से ले कर न्यायालय की अवमानना तक की लड़ाई लड़ी जाएगी।

प्रदेश सचिव चंद्रमुखी रेपस्वाल ने तीनों शहर की महिला सेल की घोषणा करते हुए तीसरी आँख कैम्पेन हेतु अजमेर की ज़िलाध्यक्ष मीना त्यागी जी को इस की ज़िम्मेदारी सौंपी।