*मेस्ट्रो बनी मिस्ट्री* मृतिका की एफ.आई रिपोर्ट पॉजिटिव कैसे आई? एचडीएफसी बैंक की घोर लापरवाही, फर्जी डॉक्यूमेंट से हुई गाड़ी फाइनेंस,5 महीने पहले मृत हो चुकी जमवारामगढ़ की डोली बुनकर के आधार आईडी से बैंक ने कर दी गाड़ी फाइनेंस,आईडी की ठीक से नहीं हुई जांच,, नहीं पता मेस्ट्रो कौन चला रहा है,गाड़ी का कहां हो रहा है उपयोग? हो सकती है गाड़ी की अपराधिक गतिविधियों में भी संलिप्तता,,,एचडीएफसी बैंक मैनेजर विनय जैन के अनुसार इंटरनल लीगल सेल में डाल दिया है मामला,, अभी तक क्यो नहीं कराई है एफ आई आर दर्ज,, क्या बैंक वाले कर रहे हैं किसी हादसे का इंतजार,,,आकड़ मोटर्स और एचडीएफसी बैंक की क्या मिलीभगत है,इसकी अवश्य जांच हो कि कितनी गाड़ियां बिना जांच के हुई फाइनेंस ,, सूत्रों के अनुसार सांगानेर के एक डीलर से भी फर्जी डॉक्यूमेंट से कई गाड़ियां हुई है फाइनेंस,, ऐसे में सभी डीलर्स संदेह के घेरे में,, सभी पर रखनी होगी पैनी नजर,, मेट टेक्नो ब्लू कलर की मेस्ट्रो एज 125 गाड़ी नंबर है आरजे 14 वीजे 5649

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जयपुर 20अगस्त 2020।(निक क्राइम) जालसाजी का यह अनूठा वाकिया न्यू इंडिया खबर के सामने आया,मामला जमवारामगढ़ का है। वहां के निवासी रिशपाल बुनकर के घर गाड़ी की आरसी आई वह और सपरिवार हतप्रभ रह गया, क्योंकि आरसी उसकी पत्नी डोली बुनकर के नाम थी। जिसे मरे 5 महीने हो चुके हैं आनन-फानन में वह जमवारामगढ़ थाने पहुंचा, वहां से उसे विधायकपुरी थाने का मामला बताते हुए भेज दिया गया। विधायकपुरी थाने में भी उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई आकड मोटर्स,अजमेर रोड, जहां से गाड़ी फाइनेंस हुई थी व एचडीएफसी बैंक जिसने गाड़ी फाइनेंस की थी,वहां भी उसने चक्कर काटे पर उसे संतोषप्रद जवाब नहीं मिला। इसके अलावा आरटीओ भी वह गया पर उसकी सुनवाई ठीक ढंग से वहां भी नहीं हुई। रिशपाल बुनकर ने न्यू इंडिया खबर से कहा मैं मजदूरी करके गुजारा चलाता हूं आधार और पैन कार्ड ओरिजिनल मेरे पास है फिर यह कैसे फ्रॉड हुआ न्यूइन्डिया खबर ने अपनी तफ्तीश को आगे बढ़ाते हुए आकड़ मोटर्स का रुख किया । वहां की मैनेजर नेहा मिश्रा ने कहा हमें तो एचडीएफसी बैंक फाइनेंस ने सारे कागज उपलब्ध कराएं, डीओ लेटर दिया तो हमने गाड़ी कस्टमर को दे दी। तफ्तीश को आगे बढ़ाते हुए एचडीएफसी बैंक के एग्जीक्यूटिव अयूब खान से मुलाकात की।(जिसने यह केस हैंडल किया है) अयूब खान ने कहा कि मेरे पास एक लड़का और एक लड़की आए उन्होंने ओरिजिनल आधार और पैन कार्ड दिखाया उस समय मेरे पास थंब मशीन नहीं थी और डाक्यूमेंट्स ओरिजिनल नजर आ रहे थे इसलिए ओटीपी द्वारा भी जांच नहीं कर पाया।
थोड़ी सी लापरवाही की वजह से रिशपाल बुनकर आज परेशानी में आ गया उनका पूरा परिवार सकते में है अयूब खान ने इस तरह का फ्रॉड और डीलरों के साथ होना भी बताया।

अब समझना होगा यह कोई कहानी नहीं है या कोई फिल्मी प्लॉट नहीं है,हकीकत है,
क्राइम के बढ़ते ग्राफ को देखकर इस तरह की लापरवाही, किसी भी गंभीर खतरे को जन्म दे सकती हैं। आज जो गाड़ी जिसका नंबर है वह किन सड़कों पर घूम रही है किसी को कोई अंदाजा नहीं कोई भी आपराधिक गतिविधियों में अगर वह गाड़ी पाई जाती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा ? पहली तफ्तीश में पुलिस आकड मोटर्स और एचडीएफसी बैंक सभी टालम टोल कर अपना पल्ला झाड़ने में लगे हुए,,,, एचडीएफसी के मैनेजर विद्याधर नगर में बैठने वाले विनय जैन के अनुसार आकड मोटर्स पर हमारे आउटसोर्सिंग वेंडर के एग्जीक्यूटिव बैठते हैं,,
SPECIAL REPORT BY:SUNNY ATREY,
EDITOR NEWINDIA KHABAR ,MOB.8302118183
WHATSAPP NUMBER 8107068124

    ध्यान से देखिए यह है वह 2 लोग जिन्होंने गाड़ी कराई है फाइनेंस न जाने कितने और जालसाजी में लिप्त हो सकते हैं यहीं दो लोग,,
    बैंक कर्मचारी के अनुसार यह लोग आए थे डोली बुनकर का ओरिजिनल आईडी लेकर
    बैंक कर्मचारी अनुसार यह लोग आए थे डॉली बुनकर की ओरिजिनल आईडी लेकर

    न्यू इंडिया खबर की अपील इनके बारे में कोई भी जानकारी हो तो तुरंत संबंधित थाने को दें,और अगर यह दोषी है या जो भी दोषी हो उस पर कानूनी कार्रवाई हो,,
    बैंकिंग मैकेनिज्म को अभी भी सुधार की आवश्यकता

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    #homeminister