*आंटा-सांटा* व *जाजम* दो फिल्मों का जयपुर में हुआ मुहूर्त, श्रवण सागर अभिनीत फिल्में राजस्थानी सिनेमा को ऊंचाईंयों पर ले जाने का एक और सार्थक कदम है,,इस अवसर पर ” पटाखा” फेम लेखक चरणसिंह पथिक भी मौजूद रहे

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जयपुर 6 अक्टूबर2019।(निक सिनेमा) अंतरा डिजिटल मीडिया लिमिटेड द्वारा दो फिल्मों का गुलाबी नगर में मुहूर्त किया गया। जिसमें अभिनेता श्रवण सागर और निर्देशक निशांत भारद्वाज की जोड़ी राजस्थानी फिल्म पगड़ी के सफलता पूर्वक प्रदर्शन के बाद पुनः एक बार अपनी नयी फिल्म आंटा-सांटा लेकर आ रहे हैं। आंटा-सांटा समाज की एक कुरीति पर निर्धारित फिल्म है जो मूलतः चम्बल से सटे इलाकों में प्रचलित है। इस प्रथा के कारण ना केवल लड़कियों की ज़िन्दगी बर्बाद हो जाती है अपितु कई हँसते खेलते घरों में खुशिया छीन जाती है। श्रवण सागर इस से पहले कई राजस्थानी और हिंदी फिल्मो में अभिनय कर चुके हैं। उनकी पिछली फिल्म पगड़ी और शंखनाद को दर्शकों से अच्छा प्रतिसाद मिला।
वहीँ निशांत भारद्वाज कई हिंदी , पंजाबी , बुन्देलखडी फिल्मों के अलावा चुंदरी ओढ़ासी म्हारो बीर,टांको भिड़ग्यो और पगड़ी जैसी फिल्मो का सफलतम निर्देशन कर चुके हैं। फिल्म आंटा-सांटा का निर्माण अंतरा डिजिटल मीडिया लिमिटेड और रु -आर्यन एंटरटेनमेंट द्वारा किया जा रहा है जिन्होंने पगड़ी का भी निर्माण किया था। इसके डीओपी सन्नी सिनेमो है। अभिनेता श्रवण सागर ने बातचीत में बताया की वो इस फिल्म के विषय को लेकर बहुत उत्साहित है। वो कई दिनों से निशांत जी के साथ पगड़ी के बाद दूसरी फिल्म करना चाह रहे थे पर कोई एक्साइटिंग सब्जेक्ट नहीं मिल पा रहा था। फाइनली जब सब्जेक्ट मिला तो हम नयी फिल्म लेकर हाज़िर हो गए। श्रवण सागर ने कहा की ये उनके लिए बिलकुल अलग किरदार है जो अब तक निभाए उनके किरदारों से बिलकुल अलग है। फिल्म की शूटिंग के बारे पूछे जाने पर निशांत भारद्वाज ने बताया की फिल्म की शूटिंग नवंबर माह में चम्बल के आस पास के इलाक़ो में ही की जायेगी। फिल्म के बाकी कलाकारों का चयन अभी जारी है जो की आने वाले ४-५ दिन में फाइनल हो जाएंगे। फिल्म के निर्माता मनमोहन गुर्जर है जो पगड़ी फिल्म में भी निर्माता थे। उनका कहना था की नॉट बंदी के कारण पगड़ी अच्छी फिल्म होते हुए भी पूरे राजस्थान में प्रदर्शित नहीं हो पायी पर इस बार आंटा-सांटा का प्रदर्शन भव्य रूप से करने का विचार है।
वही दूसरी फिल्म जाजम मनमोहन गुर्जर द्वारा लिखित एक सच्ची घटना पर आधारित फिल्म है, इसका निर्देशन विष्णु जैमन कर रहे है, यह फ़िल्म भारत की संस्कृति में फैली पड़ी जाजमों को समेटने का एक प्रयास है।
*आटा-साटा और जाजम इन दोनों जरिये अजय यादव (भोजपुरी लोक गायक और नायक) राजस्थानी सिनेमा में पदार्पण कर रहे हैं।*