* विश्व हार्ट डे* मणिपाल हॉस्पिटल्स जयपुर ने विश्व हृदय दिवस को यादगार बनाने के लिए गार्डियंस ऑफ द हार्ट अभियान लांच किया हार्ट हीरो बनें – हार्ट स्मार्ट नेशन बनाने का प्रयास

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जयपुर, 28 सितंबर2019(निक मेडिकल)हार्ट हीरोज बनाने के उद्देश्य से, मणिपाल हॉस्पिटल्स, भारत के प्रमुख स्वास्थ्य सेवा प्रदाता ने आज विश्व हृदय दिवस अभियान – गार्डियंस ऑफ द हार्ट अभियान का शुभारंभ किया। मणिपाल के विभिन्न अस्पतालों जयपुर, द्वारका, नई दिल्ली, विजयवाड़ा, मैंगलोर, गोवा, में और कॉर्पोरेट अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के शुभारंभ के साथ, मणिपाल का उद्देश्य आम आदमी को हर क्षेत्र में हार्ट स्मार्ट बनने के लिए प्रेरित करना, शिक्षित करना जिससे स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण हो सके।
कार्डियक टीम जो इस कार्यक्रम में उपस्थित थी डॉ विक्रम गोयल, कार्डियक सर्जरी, मणिपाल अस्पताल जयपुर, डॉ राजीव गहलोत, कार्डियक सर्जरी, मणिपाल अस्पताल जयपुर, डॉ. रशीद अहमद, कार्डियोलॉजी विभाग, मणिपाल अस्पताल जयपुर, डॉ. अंशुल के. गुप्ता, कार्डियोलॉजी विभाग, मणिपाल अस्पताल जयपुर और डॉ. राम शरण चतुर्वेदी, कार्डियक एनेस्थिसियोलॉजी, मणिपाल अस्पताल जयपुर
गार्डियंस ऑफ द हार्ट अभियान के तहत, अस्पताल ने विश्व हृदय दिवस को यादगार बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया। 26 और 27 सितंबर को, मणिपाल हॉस्पिटल्स जयपुर की कार्डियोलॉजी टीम ने एक्सक्लूसिव वर्कशॉप का आयोजन किया और लोगों के लिए बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम और कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन ट्रेनिंग दी और उन्हें दिल की बिमारीयों की आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षण दिया।
24 सितंबर 2019 को वर्धमान स्कूल में सीपीआर कार्यशाला का आयोजन किया गया जहाँ शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। 28 सितंबर को लॉयन्स क्लब, अग्रवाल समाज समिति, रेलवे विहार, केंद्र विहार और डब्लू़एचओ के सहयोग से घर के अंदर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) हृदय और मस्तिष्क मे महत्वपूर्ण रक्त प्रवाह बनाए रखने में मदद करता है। यह मस्तिष्क के कार्यों को मैन्युअल रूप से संरक्षित करने का एक प्रयास है जब तक कि आगे का उपचार नहीं किया जाता हैं तब तक के लिए यह एक बहुत प्रभावी तकनीक है जो मरीज के जीवित रहने की संभावना को दोगुना करती है।
प्रशिक्षण में सभी क्षेत्रों के लोगों ने बड़े उत्साह और प्रेरणा के साथ हार्ट हीरोज बनने के लिए भाग लिया। प्रशिक्षण में भाग लेने वाले लगभग 500 लोगों को हार्ट स्मार्ट प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया था और शहर में लगभग 10 स्थानों पर कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) लगाने के लिए प्रेरित किया गया था। कार्डियोलॉजी टीम ने प्रशिक्षण के अलावा, जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए स्वस्थ हृदय बनाए रखने और स्वस्थ जीवन शैली जीने और तनाव को दूर करने के उपायों के बारे में लोागों को बताया।
अध्ययन यह बताते है की लगभग 80 प्रतिशत दिल के दौरे तब होते हैं जब आप घर पर होते हैं और इसलिए जीवन बचाने के लिए सीपीआर एक महत्वपूर्ण व उपयोगी साधन है। पिछले साल, मणिपाल हॉस्पिटल्स ने शिक्षकों को दिल को स्मार्ट बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया और 25000 हार्ट स्मार्ट शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर प्रमाण पत्र दिया गया।
मणिपाल हॉस्पिटल्स जयपुर के हाॅस्पिटल डायरेक्टर श्री जी कार्ति हैवलान ने इस अवसर पर कहा,मणिपाल हॉस्पिटल जयपुर हमेशा से ही स्वास्थ्य के मुद्दों पर जागरूकता पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है जिससे आम आदमी को फायदा होता है। स्वास्थ्य सेवाओं और विषेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के साथ उच्च गुणवत्ता मानको के साथ, अत्याधुनिक उपकरणों के द्वारा हमने मणिपाल अस्पताल जयपुर की स्थापना के बाद से कई दुर्लभ रोगों ऑपरेशन करके हमने कई लोगों का जीवन बचाया है। हम अपने संरक्षकों को विश्व स्तर के चिकित्सा उपचार प्रदान करने का निरंतर प्रयास करते हैं। ”
विश्व हृदय दिवस पर जानकारी साझा करते हुए, डॉ. विक्रम गोयल, कार्डियक सर्जरी, मणिपाल हॉस्पिटल्स जयपुर ने कहा, “आज दिल की विफलताएं सभी आयु समूहों के बीच काफी व्याप्त हो रही हैं। लोगों को अपनी जीवन शैली से सावधान रहना चाहिए और तनाव लेने, अस्वास्थ्यकर भोजन खाने, तंबाकू और शराब के सेवन के अलावा गतिहीन जीवन जीने से बचना चाहिए। आँकड़े चिंताजनक हैं और कुछ चैकाने वाले अनुमानों की और सकेंत करते है। भारत मे इस समय लगभग 2 मिलियन दिल के दौरे पडते है। और अधिकांश पीड़ित युवा हैं।
”स्वस्थ हृदय बनाये रखने के टिप्स के बारे में बात करते हुये डॉ. राजीव गहलोत, कार्डियक सर्जरी, मणिपाल हॉस्पिटल्स जयपुर ने कहा, “प्रारंभिक अवस्था में स्वस्थ जीवनशैली अपनाना दिल की बीमारियों को दूर रखने में फायदेमंद हो सकता है। भारतीयों को कोरोनरी धमनी की बीमारी वंषानुगत मिली है। इसलिए,नियमित स्वास्थ्य जांच करवाना उचित है। सांस की तकलीफ, थकान, शरीर में तरल पदार्थ का निर्माण, लगातार खांसी या घरघराहट, भूख न लगना, मितली, भ्रम और हृदय गति में वृद्धि आदि हृदय रोगों के कुछ सामान्य लक्षण हैं। ”
मणिपाल हॉस्पिटल्स जयपुर के कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ. रशीद अहमद ने कहा, “हर साल 17.9 मिलियन लोग हृदय रोग और स्ट्रोक सहित कार्डियो वेस्कुलर बीमारियों से मर जाते हैं। भारत में होने वाली मौतों में से हर पांचवीं मौत कोरोनरी हृदय रोग से होती है। वर्ष 2020 तक, हृदय रोग सभी मौतों में से एक तिहाई के लिए जिम्मेदार होगा। अफसोस की बात है कि मरने वालों मे कई भारतीय युवा भी होगेे। भारत में हृदय रोग पश्चिमी देषों की तुलना में 10 से 15 साल पहले होता है। ”
मणिपाल हॉस्पिटल्स जयपुर के कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ. अंशुल के गुप्ता ने कहा, “अध्ययन बताता है कि लगभग 80 प्रतिषत दिल के दौरे तब होते हैं जब आप घर पर होते हैं और इसलिए पहली प्रतिक्रिया के रूप में, सीपीआर जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पिछले साल, मणिपाल हॉस्पिटल्स ने शिक्षकों को हार्ट स्मार्ट बनाने के लिए समान प्रशिक्षण दिया और 25000 हार्ट स्मार्ट शिक्षकों को प्रशिक्षण के बाद प्रमाण पत्र प्रदान किया