जुमले गढ़ना, झूठ बोलना भाजपा के चरित्र का द्योतक: सचिन पायलट

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जयपुर ग्रामीण की कांग्रेस प्रत्याशी कृष्णा पूनिया के समर्थन में आंधी में हुई जनसभा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

जयपुर 3 मई2019।(निक राजनीतिक) उपमुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने आरोप लगाया है कि जुमले गढ़ना, झूठ बोलना भाजपा का चरित्र बन चुका है। किसान, युवा वर्ग रोजी-रोटी के मुद्दे पर आत्महत्या कर रहे हैं, लेकिन ये लोग धर्म के नाम पर समाज को बांटने में लगे हैं। पायलट शुक्रवार को जमवारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के आंधी कस्बे में जयपुर ग्रामीण की कांग्रेस प्रत्याशी कृष्णा पूनिया के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा यह नहीं बताती कि उसने पांच साल में क्या काम किया। कितने स्कूल खोले? कितने अस्पताल बनवाए? कितने उद्योग-धंधे स्थापित किए? प्रधानमंत्री रहते मोदी ने राजस्थान को क्या दिया, बल्कि अब चुनावी मौसम में झूठे राष्ट्रवाद के नाम पर वोट बटोरने में लगे हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी से पूरा देश त्रस्त है। लोग बदलाव चाहते हैं। 23 मई को राहुल गांधी के नेतृत्व में नई सरकार बनेगी। इसके लिए जरूरी है कि आप लोग कृष्णा को वोट करें। इन्होंने अपने दम पर देश का नाम रोशन किया है। किसान परिवार से आती हैं। पार्टी ने आप सबके भरोसे पर इन्हें प्रत्याशी बनाया है। मैं आप सबको विश्वास दिलाता हूं कि ये दिल्ली में आपके लिए लड़ाई लडेगी और हम क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए पैसे की कोई कमी नहीं आने देंगे।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में हमारी सरकार बने अभी तीन माह का समय ही हुआ है, लेकिन इसके बावजूद हमने लोगों के जनजीवन में बदलाव लाने के लिए 22-23 बड़ी घोषणाएं की हैं। जब हमने सरकार संभाली उस समय दिसंबर 2018 में मनरेगा में नौ लाख लोग काम कर रहे थे। गरीब और किसानों को रोजगार देने के लिए हमने प्रयास किए और अब 22 अप्रैल को 31 लाख मनरेगा के तहत काम कर रहे हैं।

न्याय योजना से पटरी पर आएगी अर्थव्यवस्था,,,,,,,

पायलट ने कहा कि अब हमें किसानों, युवाओं और महिलाओं को समझने वाली सरकार चाहिए। मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल में 10-15 उद्योगपतियों के तीन लाख करोड़ रुपए के कर्जे माफ किए हैं, लेकिन गरीब के लिए कभी नहीं सोचा। उनके लिए कोई योजना नहीं बनाई। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने गरीबों की चिंता की है। पार्टी ने अपने घोषणा-पत्र में न्यूनतम गारंटी योजना (न्याय) लाने का वादा किया है। इसके तहत निर्धन वर्ग के 20 फीसदी परिवारों को प्रतिवर्ष 72 हजार रुपए दिए जाएंगे। इससे नोटबंदी से जो अर्थव्यवस्था चौपट हो गई थी, वह पटरी पर आएगी। पायलट ने कहा कि नोटबंदी लागू करते समय यह कहा गया कि बडे नोट बंद करने से भ्रष्टाचार खत्म होगा, कालाधन वापस आएगा। आतंकवाद और नक्सलवाद पर लगाम लगेगी। पूरे देश को बैंकों के सामने लाइन में लगा दिया गया। 150 से अधिक लोगों की लाइन में मौत हो गई। फायदा होने के बजाय लाखों लोगों के रोजगार चले गए। पायलट ने सवाल उठाया कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

विकास नहीं, अली-बजरंगी बली पर अटके,,,,,,,,

सचिन ने कहा कि भाजपा आज भी सारा दोष मनमोहन सिंह व सोनिया गांधी पर लगाती है, लेकिन अपना रिपोर्ट कार्ड पेश नहीं करती। इनके उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंह अपने हर भाषण में अली और बजरंग बली का जिक्र जरूर करते हैं पर यह नहीं बताते कि 2019 में सरकार बनने पर कितने स्कूल, कॉलेज और अस्पताल बनेंगे। दिल्ली-जयपुर का फोरलेन हाईवे कांग्रेस शासनकाल में बना। कुछ काम अधूरे रह गए थे, वो आज भी अधूरे हैं। यह है इनका विकास। यह हाल तो तब है जब यहां के सांसद मंत्री हैं और खुद को मोदी का करीबी भी बताते हैं। अब झूठे वादे टिकने वाले नहीं हैं। 36 कौम और सभी धर्मों के लोग इनको सबक सिखाने के लिए तैयार बैठे हैं।

जमवारामगढ़ के प्रति उदासीन रहे राठौड़,,,,,,,
कृष्णा पूनिया के प्रति सम्मान,,,,,,,,,,,

इससे पूर्व कृष्णा ने क्षेत्रीय सांसद पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्यवर्धन ने 2014 के चुनाव में जमवारागढ़ में सरकारी कॉलेज खोलने, सैटेलाइट अस्पताल खुलवाने, रीको क्षेत्र खोलने तथा जमवारामगढ़ बांध को पानी से लबालब भरने का वादा किया था, लेकिन इनमें से एक भी पूरा नहीं किया। चुनाव में कुछ ही दिन बचे हैं। यदि आप घर पर बैठकर चिंतन करेंगे तो पता चलेगा कि आपका हितैषी कौन है। कृष्णा ने सुबह खेड़ा श्यामपुरा, रसनाली, बासदयाल, नयाबास, कराणा, बिलाली, नीमूचना, चतरपुरा, मुण्डावरा, बामनवास काकड़ ग्राम पंचायतों में जनसंपर्क कर लोगों से कांग्रेस के पक्ष में वोट डालने की अपील की। दोपहर में विराटनगर, पावटा व प्रागपुरा में तथा शाम को मनोहर पुरा में रोड शो हुआ। इस अवसर पर जमवारामगढ़ के विधायक गोपाल मीणा, पूर्व विधायक रामचंद्र सराधना, जिला प्रमुख मूलचंद मीणा, चंदन सिंह राजपुरोहित, रामजीलाल, कृष्णकुमार पांडे, चंदन सिंह राजपुरोहित, राम सहाय कांकरेलिया, विजय पूनिया, मांगीलाल मीणा, जयनारायण मीणा, महेश गुर्जर, ओमप्रकाश व लालराम मीणा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।