गोधरा हत्याकांड के दोषियों पर कब पोतोगे कालिख,,अकाली दल ने राजीव गांधी की प्रतिमा पर काला लाल रंग पोता

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राजनीति चमकाने के लिए पोती जाती है कालिख

राजीव गांधी की प्रतिमा पर अकाली दल ने 25दिसम्बर को काला व लाल रंग पोता ,84 के दंगे का माना दोषी,,,

अब गोधरा हत्याकांड के दोषियों के चेहरे पर कब पोतोगे कालिख,,,
जयपुर 26 दिसम्बर,2018 ।(NIK political) 25 दिसम्बर, अकाली दल की यूथ ब्रिगेड ने लुधियाना में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की प्रतिमा पर काले रंग की कालिख पोती और 84 के दंगों का दोषी मानते हुए हाथों पर लाल रंग पोत दिया,,
सवाल एक पक्ष ने यह भी उठाया कि गुजरात के गोधरा दंगों के हत्यारों पर कालिख कब पोती जाएगी,,
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, राजनीति के गिरते स्तर के नतीजे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर ने भी भुगता है ,इनकी प्रतिमाओं पर भी काले रंग की काली सोच आज भी पनप रही है ।
असंसदीय भाषा, एक दूसरे पर दोषारोपण ,दूसरे को नीचा दिखाने के लिये,नीच तक कहने का सिलसिला बदस्तूर जारी है ।
येन केन बस चुनाव जीत सत्ता पाने की लालसा आज के सभी राजनीतिक दलों की है ।
जय जवान जय किसान नारा अब सिर्फ नारा बन कर रह गया है,,
अन्नदाता आत्महत्यायें कर रहे है, वही जवान शहीद का दर्जा प्राप्त कर राजनीतिक दलों के लिए अपनी राजनीति चमकाने का हथियार बन गया है ।
असम जन के मुद्दे अब कोरी घोषणाओं में सिमट गए हैं, जूठे वादे ,जुमले,आमजन को भ्रमित कर ,असल मुद्दे से भटकाने की राजनीति चरम पर है ।
यहाँ तक ईश्वर को भी अब जाति बिरादरी की हदों में बांध रहे हैं धरती के भगवान यह नेता।
सत्ता पाने की नई खोज के रूप में भी इसे देखा जा सकता है ।
मजबूर जनता ,पहले भी मजबूर थी आज भी मजबूर है।

यह खामोशियाँ कब तक ,कब तक