सेकंड हैंड वाहनों के विक्रेता और खरीदारों का रिकॉर्ड डीलरों और एजेंट को रखना होगा अनिवार्य परिवहन विभाग को भी करना होगा सूचित, पुलिस आयुक्तालय जयपुर करेगा जांच, निकाला आदेश,

241

जयपुर 26 अक्टूबर 2022।(निक क्राइम) कार्यपालक मजिस्ट्रेट एवं अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कैलाश चंद्र बिश्नोई, आयुक्तालय जयपुर ने एक आदेश जारी कर बताया कि पुलिस आयुक्तालय जयपुर क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों द्वारा सेकंड हैंड वाहनों की खरीद और बिक्री की जा रही है। यह भी देखा गया है कि चोरी के वाहनों को कई खरीददारों को डीलरों एजेंटों के माध्यम से बेचे जाने की संभावना रहती है ऐसे सेकंड हैंड वाहनों का इस्तेमाल विभिन्न प्रकार के अपराध जैसे लूट डकैती आदि के लिए किया जा सकता है आतंकवादी गतिविधियों में भी इन वाहनों के इस्तेमाल किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता ।

विक्रेता और खरीदारों का रिकॉर्ड पुराने वाहनों की बिक्री और खरीद में लगे डीलरों एजेंटों द्वारा नहीं रखा जाता है तथा परिवहन विभाग को भी सूचित किए बिना ही भेज दिया जाता है। सेकंड हैंड वाहनों को आमतौर पर सभी दस्तावेज पूर्ण किए बिना, विशेष रूप से फार्म 29 एवम 30 पूर्ति लेनदेन की तारीख वाहन के वास्तविक हस्तांतरण से पहले वाहनों के ट्रांसफर रिकॉर्ड,ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 50 की आवश्यकता को दरकिनार कर दिया जाता है । जिससे जांच एजेंसियों के लिए अपराधियों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। यह आवश्यक है कि पुराने वाहनों की बिक्री और खरीद करने वाले वाहन डीलरों नियमों के अंतर्गत रखना जरूरी है ताकि असामाजिक तत्व उन के माध्यम से चोरी किए गए वाहनों को बेचने के लिए उनका उपयोग ना कर सके। इस हेतु पुलिस आयुक्तालय जयपुर क्षेत्र बिक्री और खरीद में लगे डीलरों/एजेंटों/कबाड़ियों बाध्य पाबंद कर्म युक्तियुक्त है।

    कैलाश चंद्र बिश्नोई अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने बताया की जयपुर भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत शक्तियों का प्रयोग करते हुए संपूर्ण पुलिस आयुक्तालय जयपुर क्षेत्र के लिए आदेश प्रसारित किए गए हैं यह आदेश मानव जीवन में लोक व्यवस्था की सुरक्षा हेतु लोक प्रशांति विकसित होने की स्थिति को अनिवार्य करने के लिए उपयुक्त वर्णित आवश्यकता एवं परिस्थितियों के कारण लोकहित में तत्काल प्रभाव से जारी किया जाता है एवं उन व्यक्तियों जिनके विरुद्ध आदेश निर्देशित है,पर सूचना की तामील सम्यक रूप से एल कराने की गुंजाइश नहीं है । इसलिए यह आदेश एकपक्षीय पारित किया जा रहा है क्योंकि इस नोटिस को सभी को व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं कराया जा सकता है अतः आदेश को बड़े पैमाने पर जनता की जानकारी के लिए प्रचारित किया जाए। इस नोटिस को प्रेस के माध्यम से और सभी कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर प्रकाशित किया जाकर सार्वजनिक किया जावे।
    यह आदेश 25 अक्टूबर 2022 से दिनांक 24 दिसंबर 2022 तक या इससे पूर्व निरस्त किए जाने पर उस दिनांक तक प्रभावशील रहेगा।
    जो भी इस आदेश का उल्लंघन करेगा पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 में उपबंधित प्रावधानों के तहत दंडनीय अभियोग चलाया जावेगा।

    8 लाख 47 हजार से अधिक READERS/VIEWERS

    आप सभी का बहुत धन्यवाद,
    SUNNY ATREY
    प्रधान संपादक दैनिक सांध्य दिव्य राष्ट्र
    मुख्य संपादक NEWINDIA खबर
    प्रदेश अध्यक्ष पिरियोडिकल प्रेस ऑफ़ इंडिया
    (पत्रकार संगठन)
    WHATSAPP/MOB 8107068124