सरकार की गलत नीतियों का शिकार बनती बेटियां,,

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जयपुर 2 अगस्त 2022।(निक राजनीति) आमआदमीपार्टी राजस्थान कार्यालय में कीर्ति पाठक ने प्रेस वार्ता कर बताया कि राजस्थान सरकार की नाकामी से प्रदेश में बेटियों का बाज़ार बढ़त पर
राजस्थान में क़ानून व्यवस्था की स्थिति शून्य होने के कारण ड्रग माफिया , खनन माफिया , extortion माफिया , मानव तस्करी माफिया और पेपर लीक माफिया के होंसले बुलंद हैं।

महिलाओं और दलितों पर अत्याचार के मामले में राजस्थान नम्बर एक पर है और इन अत्याचारों के तार प्रदेश के मंत्री , विधायक , इन के परिजनों व इन के साथ के दबंगों से जुड़े हुए हैं।
जिस प्रदेश का मंत्री बलात्कार को मर्दानगी का सबूत मानता है वहाँ महिलाओं की स्थिति का अंदाज़ा कोई अज्ञानी भी लगा सकता है।
आज हम बात कर रहे हैं ….
National Child Trafficking की बात करें तो 2018 से केरल के साथ राजस्थान इस में अग्रणी है।
2020 में बच्चों की तस्करी में 2,222 मामले सामने आए जिस का कुल 36.6% यानि कि 815 मामले राजस्थान से ही हैं।
राजस्थान में बच्चों की दो तरफ़ा तस्करी हो रही है –
राजस्थान में गोटा व आरी तारी का काम करने को बच्चे उत्तराखंड और झारखंड से लाए जाते हैं।
राजस्थान से बच्चों की तस्करी कर उन्हें गुजरात में निर्माण कार्य व केरल के मार्फ़त खाड़ी के देशों में वैश्यवृति हेतु भेजा जाता है।

    गरीब व आदिवासी अत्यंत दयनीय स्थिति व भुखमरी के कारण अपने बच्चे बेचने को मजबूर होते हैं।
    यहाँ प्रश्न उठता है कि बीते सत्तर सालों से इन की स्थिति में सुधार क्यूँ नहीं हुआ ?
    सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ कहाँ जा रहा है ?
    वो राशन वो पोषाहार कहाँ जा रहा है ?
    वो स्थानीय जन प्रतिनिधि व जनसेवक क्या कर रहे हैं ?
    गरीब आदिवासी क्षेत्रों में स्थिति बद से बदतर क्यूँ होती जा रही है।
    हम हाल ही की घटना की बात करें तो राजस्थान से बच्चे केरल गए – पुलिस व स्थानीय प्रशासन को भनक ही नहीं लगी , केरल में वे पकड़ में आए।
    जब यहाँ बच्चे कई दिन स्कूल नहीं पहुँचे तो क्या स्कूल के स्टाफ़ ने पता करने का प्रयास किया ? क्या स्थानीय प्रशासन को सूचित किया ?
    साथ ही प्रश्न उठता है कि यदि सरकारी स्कूल में पढ़ाई व पोषाहार सही होता तो क्या परिजन मजबूर होते ?
    आम आदमी पार्टी राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर ये आरोप लगाती है कि उन्होंने प्रदेश को माफिया की दलदल में धकेल रखा है और खुद अपनी सत्ता बचाने की तिकड़म लगाने अलावा नीरो बन चैन की बंसी बजा रहे हैं।
    आम आदमी पार्टी महिलाओं की स्थिति के बारे में लगातार आवाज़ उठा रही है पर कांग्रेस व भाजपा अपने दम्भ में और दिल्ली की केजरीवाल सरकार की कार्य आधारित राजनीति से डर कर विभिन्न हथकंडे अपना रही है और नागरिक हिताय कार्य करने से बच रही है।
    आम आदमी पार्टी राजस्थान सरकार से माँग करती है कि वे दिल्ली सरकार की भाँति महिला व बच्चों की सुरक्षा की व्यवस्था दुरुस्त करें – पुलिस को जवाबदेह ठहराया जाए , cctv कैमरा व बस मार्शल की व्यवस्था की जाए। प्रेस वार्ता में दिव्या चौधरी व गायत्री विश्नोई भी शामिल रहे।