जयपुर शहर में की गई 30-35 वारदात ,उदयपुर में पकड़े गए बदमाश ने कबूली,, कारों के शीशे तोड़कर चुराते थे नकदी व कीमती सामान,,,

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उदयपुर 15 जनवरी 2022।(निक क्राइम)कारों के कांच तोड़ रुपए, गहने व मोबाइल चुराने वाले एक अभियुक्त को उदयपुर की थाना हाथीपोल पुलिस ने 11 जनवरी को गिरफ्तार किया था। जिसने पूछताछ में उदयपुर शहर की तीन वारदातों के अलावा जयपुर शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में की गई 30-35 वारदातों के राज भी खोले हैं।
उदयपुर एसपी मनोज कुमार ने बताया कि 13 सितंबर को अंबा माता निवासी पीड़ित मोतीलाल ने एक रिपोर्ट दर्ज कराई जिसमें बताया कि उसने बैंक से 45000 रुपये निकालकर गाड़ी की पिछली सीट पर रखे थे। पंचवटी सिगड़ी चाय के सामने गाड़ी लॉक कर सामने ही फल फ्रूट के ठेले पर गया। 5-7 मिनिट में वापस आया तो कार का बाया शीशा टूटा हुआ था। अंदर रखे 45000 रुपये नहीं मिले। रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया।

एसपी मनोज कुमार ने बताया कि रिपोर्ट पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर अनंत कुमार व सीओ पश्चिम जितेंद्र अंचलिया के सुपरविजन एवं थानाधिकारी हाथीपोल गोपाल चंदेल के नेतृत्व में टीम गठित की गई। गठित टीम ने गुप्त सूचना तन्त्र से एकत्र की गई सूचना से घटना में प्रयुक्त होंडा शाइन मोटरसाइकिल का पता लगा कर 11 जनवरी को मूलतः थाना परबतसर नागौर हाल मंगलम सिटी करधनी जयपुर निवासी भवानी शंकर उर्फ संजय पुत्र पूरणमल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड प्राप्त किया।

    गिरफ्तार अभियुक्त भवानी शंकर नायक उर्फ संजय ने पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में अपने साथियों लोकेश उर्फ बबलू निवासी थोई सीकर हाल भट्टा बस्ती जयपुर एवं अजय उर्फ पप्पू उर्फ पिंटू निवासी भट्टा बस्ती जयपुर हाल अहमदाबाद गुजरात के साथ मिलकर राजधानी जयपुर के करधनी, झोटवाड़ा, शास्त्री नगर, मानसरोवर, मुरलीपुरा, चोपड़ा गार्डन, हरमाड़ा, विश्वकर्मा व भट्टा बस्ती आदि जगहों पर पिछले दो-तीन वर्षों में लगभग 30 से 35 कारों के शीशे तोड़ नकदी व जेवरात चुराने की वारदातें कबूल की। साथ ही उदयपुर शहर की तीन वारदातें भी कबूली है।
    एसपी ने बताया कि अभियुक्त कार के कांच तोड़ चुराए गए सामान में मिले मोबाइल फोन को रास्ते में फेंक देते थे ताकि वारदात के बाद पकड़े नहीं जावे। अभियुक्त भवानी शंकर पर जयपुर व अन्य जिलों में लूट व चोरी के कई प्रकरण दर्ज है तथा काफी शातिर अंतर राज्य चोर है।
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