मंदिर बनेंगे रोजगार के केंद्र- स्‍वामी जितेंद्रानंद सरस्‍वती,, देश में हो रहा है आंदोलन- आंदोलन का खेल- रूपा गांगुली,,

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जयपुर 8 अक्टूबर 2021।(निक धार्मिक/राजनैतिक)  देश के प्रत्‍येक  जिले में संस्‍कृति संवाद का आयोजन किया जाएगा और मंदिर और मठों को धर्म और आध्‍यात्‍म के साथ युवाओं के  लिए   रोजगार के केंद्र के तौर पर विकसित किया जाएगा। यह कहना है काशी मठ के पीठाधीश स्‍वामी जितेंद्रानंद सरस्‍वती का।  अग्रवाल काॅलेज के सभागार में आयोजित संस्‍कृति संसद संवाद में  मुख्‍य वक्‍ता के तौर पर बोलते हुए  उन्‍होने कहा कि हम सालभर तो देश और समाज की बात करते हैं, लेकिन जब एक दिन ईवीएम का बटन दबाने की बारी आती है तो प्रत्‍याशी की योग्‍यता की जगह  जाति- धर्म, क्षेत्र याद आ जाता है।   
 कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यसभा सांसद रूपा गांगुली ने की। रूपा गांगुली ने कहा कि देश में 5 सौ और हजार रुपये देकर गरीब लोगों को आंदोलन- आंदोलन के खेल में शामिल किया जा रहा है। हमारी युवा पीढ़ी को देश की संस्‍कृति और संस्‍कारों से दूर करने का कुप्रयास हो रहा है। इसलिए देश और समाज को  संस्‍कृति संसद संवाद की आवश्‍यकता है।   

कार्यक्रम में  फोर्टी अध्‍यक्ष सुरेश अग्रवाल, श्री अग्रवाल शिक्षा समिति के महासचिव नरेश सिंघल,शंकरा ग्रुप ऑफ इंस्‍टीट्यूशन के चेयरमैन एसके चौधरी, ज्‍योतिब फूले यूनिवर्सिटी के चांसलर निर्मल पंवार, और आर्य ग्रुप ऑफ कॉलेज के डायरेक्‍टर डॉ अरविंद अग्रवाल के साथ कई शिक्षाविद और प्रबुद्ध लोग शामिल हुए। 

    इस मौके पर कार्यक्रम के संयोजक और फोर्टी यूथ विंग के अध्‍यक्ष  धीरेंद्र राघव ने  अंतर्राष्‍ट्रीय संस्‍कृति संसद के लिए सहयोग राशि के तौर पर 11 लाख रुपये का चैक भेंट किया।   गौरतलब है कि  12 से 14 नवम्‍बर तक बनारस के रुद्राक्ष कन्‍वेंशन सेंटर में अंतर्राष्‍ट्रीय संस्‍कृति संसद का आयोजन किया जाएगा।

    इसमें  राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शिरकत  करेंगे।  इसमें दुनियाभर से धर्म और आध्‍यात्‍म से जुड़े विद्वान भाग लेंगे। मुख्‍य आयोजन से पहले सभी प्रदेशों की राजधानियों में  संस्‍कृति संसद संवाद  का आयोजन किया  जा रहा है। इसी संदर्भ में जयपुर के अग्रवाल कॉलेज सभागार में संस्‍कृति संसद संवाद का आयोजन किया गया।

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