पोक्सो एक्ट में उच्च न्यायालय से मिली जमानत,, मुहाना थाने का मामला,, रॉनी से प्यार की अनोखी दास्तां,, पढें पूरी खबर,,

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बाएँ : एडवोकेट मोहित बलवदा, दाएँ:एडवोकेट ईशान मिश्रा

जयपुर 7 अक्टूबर 2021।(निक क्राइम) राजेश रोजारियो और त्रिलोक चंद शर्मा पर आईपीसी की धारा 376 डी और पोक्सो एक्ट की धारा 3/6 के तहत एक नाबालिग ने मुहाना थाना जयपुर में एफआईआर दर्ज करवाई इस पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए उक्त दोनों को पकड़ कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।नाबालिग ने पहले राजेश रोजारियो के बेटे रॉनी रोजारियो पर भी बलात्कार का मुकदमा दर्ज करवाया था लेकिन फिर कोर्ट में नाबालिग अपने बयानों से मुकुर गई क्योंकि वो रॉनी से प्यार करती थी और रॉनी रोजारियो को कोर्ट ने बरी कर दिया।
उसके बाद नाबालिग ने रॉनी के पिता राजेश रोजारियो और उसके दोस्त त्रिलोकचंद शर्मा पर बलात्कार का मुकदमा दर्ज करा दिया। इसपर हाई कोर्ट में राजेश रोजारियो की तरफ से अधिवक्ता ईशान मिश्रा और अधिवक्ता मोहित बलवदा ने जमानत के लिए पैरवी करी।अधिवक्ता मोहित बलवदा ने दलील देते हुए कहा की उक्त एफआईआर दबाव के लिए दर्ज कराई गई है।क्युकी रॉनी जो है वो घर छोड़ कर चला गया है ।तो नाबालिग मुकदमे का दबाव बनाकर रॉनी को वापिस बुलवाने के लिए ये सब कर रही है।

अधिवक्ता मोहित बलवदा ने न्यायधीश पुष्पेंद्र सिंह भाटी के सामने पैरवी करते हुए कहा की उक्त एफआईआर में वर्णित घटना की जो समय और तारीख बताई गई है उक्त समय अंतराल में नाबालिग का पोक्सो अदालत में रॉनी के खिलाफ चल रहे मुकदमे में बयान हुए है जिसमे उसने रॉनी के पक्ष में बयान देते हुए कहा है कि रॉनी और मैं एक दूसरे से प्यार करते है और रॉनी ने मेरे साथ कुछ भी गलत नहीं किया है।अगर उक्त समय में रॉनी के पिता ने राजेश ने अगर नाबालिग के साथ कोई जोर जबरदस्ती की थी तो वो कोर्ट में अपने बयानों में कह सकती थी।लेकिन ऐसा कुछ हुआ ही नहीं तो कैसे कहती।

    अधिवक्ता मोहित बलवदा ने आगे कहा की ये सिर्फ और सिर्फ राजेश व इसके परिवार को मानसिक रूप से परेशान व अनैतिक दबाव बनाने के लिए किया गया है।
    इस पर न्यायाधीश डा पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने राजेश रोजारियो व त्रिल्कोचंद शर्मा को सशर्त जमानत दे दी।

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