सभी श्रेणी के पत्रकारों के प्रति समदर्शिता का भाव रखते हुए उन्हें फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करें गहलोत सरकार : पीरियोडिकल प्रेस ऑफ़ इंडिया

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जयपुर 5 मई 2021।(निक विशेष) आज कोरोना काल में प्रदेश के हजारों मीडियाकर्मी पर संकट के बादल मडरा रहें हैं। इसी सन्दर्भ में पीरियोडिकल प्रेस ऑफ़ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष सन्नी आत्रेय व महासचिव भरत शर्मा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मांग की है कि सैकड़ों पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर रिपोर्टिंग कर रहें है और सरकारी गाइडलाइन्स के साथ साथ जमीनी हकीक़त से भी सबको अवगत करा रहे हैं । इसमें प्रिंट,इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल मीडिया शामिल हैं जो अपनी जान जोखिम में डाल अपने पत्रकारिता के धर्म को निभा रहे हैं। बावजूद इसके कि बहुत से पत्रकार कोरोना वायरस की चपेट में आकर अपनी जान भी गंवा चुके है फिर भी इस मुश्किल समय में वे अपने कर्तव्य को बखूबी निभा रहें है।

पीपीआई मांग करती है कि जैसे मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, पंजाब, तमिलनाडु आदि राज्यों की सरकार पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित कर चुकी है, जिसमें उनके टीकाकरण व एक्सग्रेसिया के सभी लाभ शामिल है वैसे ही राजस्थान सरकार केवल अधिस्वीकृत पत्रकारों को ही नहीं बल्कि सभी पत्रकारों के प्रति समदर्शिता का भाव रखते हुए उन्हें फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करें जिससे उन्हें सरकारी सहायता व अन्य लाभ मिल सकें।