मानसरोवर इलाका बना अपराधियों का गढ,8 दिसंबर की रात बनी मानसरोवर के लिए काली रात,,जहाँ एक ओर पत्रकार अभिषेक सोनी पर हुआ जान लेना हमला,वहीँ वरिष्ठ पत्रकार सन्नी आत्रेय को एसीपी मानसरोवर के नाम से मिली जान से मारने की धमकी,, *धमकी में चैनल हेड,जगदीश कातिल,वरिष्ठ पत्रकार श्रीपाल शक्तावत को क्यों घसीटा गया*,, अब जाँच जरूरी आखिर धमकी देने वाला है कौन,, रीयल एसीपी मानसरोवर संजीव चौधरी से अनुरोध, छद्म एसीपी मानसरोवर पर मुकदमा दर्ज कराकर सार्वजनिक करें,,आज 10 दिन बीत चुके हैं,, 10 दिसम्बर को मानसरोवर के नगर निगम जोन में खडी गाड़ियों से बैटरियां हुई चोरी,,, आखिर मानसरोवर का है कौन धणी- धोरी,, पुलिस क्योँ अपना कर्तव्य निभाने में है असमर्थ,,,,या कोई और वजह ? पढें पूरी खबर,

64

जयपुर 17 दिसम्बर 2020।(निक क्राइम) जयपुर का व्यस्ततम इलाका मानसरोवर, अपराधियों की पनाहगाह बन चुका है, बेखौफ़ हो अवान्छित तत्व खुलेआम अपराध कर रहे हैं। जिसकी बानगी देखने को मिली 8 दिसम्बर की रात को। निजी चैनल के पत्रकार अपनी महिला साथी के साथ ,मानसरोवर इलाके में रात को खुले दिखे ढाबे पर कुछ देर रूके,, वहीँ पर तीन युवकों ने महिला के साथ बदसलूकी करने की कोशिश की,जब पत्रकार अभिषेक सोनी ने विरोध किया तो कुछ समय बाद पुनः आकर उन युवकों ने अभिषेक व महिला पर वहाँ रखे लोहे के पाइप से हमला कर दिया, नतीजतन आज पत्रकार अभिषेक अस्पताल में जिन्दगी और मौत के बीच अधर में झूल रहा है,,
वाकिये से कुछ देर पहले पुलिस की पीसीआर वैन वहाँ राउन्ड काट ,ढाबे वाले से बतिया कर चली गई, बनिस्पत ढाबे बन्द कराने के।
इस हादसे का कौन होगा जिम्मेदार,,
8 दिसम्बर की उसी रात 9 बजकर 8 मिनट पर न्यूइन्डिया खबर के एडिटर व पीपीआई पत्रकार सन्गठन के प्रदेश अध्यक्ष सन्नी आत्रेय को एसीपी मानसरोवर संजीव चौधरी के नाम से वरूण पथ पर चल रही अवैधानिक गतिविधियों की खबर आगे नहीं चलाने बाबत धमकी दी गई,,,
अपराधियों के होंसले इतने बुलन्द की एसीपी मानसरोवर संजीव चौधरी के नाम से धमकी देने से भी गुरेज नहीं ।
क्या समझा जाए किसकी हो सकती है शह,हालांकी संजीव चौधरी को उसी वक्त सन्नी आत्रेय ने उनके वट्स अप पर धमकी देनेवाले के नम्बर के साथ सूचना दे दी थी।

धमकी वाली ऑडियो, इस खबर के साथ, मिल जायेगी,,

इस सन्दर्भ में सन्नी आत्रेय ने संबधित थाने के साथ मुख्यमंत्री/ गृहमंत्री, डीजीपी,पुलिस कमिश्नर, डीसीपी ,दक्षिण,आदि को रजिस्टर्ड डाक द्वारा सूचना दी जा चुकी है।
पीपीआई पत्रकार सन्गठन द्वारा भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ज्ञापन दिया जा चुका है।
अब गम्भीर सवाल मानसरोवर इलाके के कानून के रखवालो पर उठना लाजिमी है,
इससे पहले भी वकीलों को अपशब्द कहे जा चुके है,,
अवैध नमकीन आदि के गोदाम है,अवैध शराब का धन्धा फल फूल रहा है,,,अभी भी हुक्का बार अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं, किसकी शह पर, ,,
NEWINDIA खबर सब ऐसे अवांछनीय मामलों की तथ्यों के साथ परत दर परत खोलेगा,,
,,क्या मानसरोवर में *8 PM NO कानून*,,लागू है क्या,,