लॉक डाउन मे ही बिछा ली बड़े आन्दोलन की बिसात इसी दिशा में हुआ ऑल एनजीओ महासंघ का गठन,,

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जयपुर 23 जून 2020।(निक विशेष)मन्ना बाल गृह के बहाने सामाजिक एवं न्याय अधिकारिता विभाग के ख़िलाफ़ राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी कर ली गयी यह आंदोलन राज्यभर के दौ दर्जन से सामाजिक संगठनों को साथ लेकर किया जा रहा है इस मामले में मुख्यमंत्री दतना राज्य के मुख्य सचिव तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन भी दिया जा चुका है
मामला बालगृह से जुड़ा होने के कारण तथा असहाय ,अनाथ,एवं निराश्रित बालकों के कारण तेज़ी से इस आंदोलन में कई संगठनों का नैतिक समर्थन बढ़ता जा रहा है
गांधीवादी तरीक़े से चलाए जाने वाला यह आन्दोलन के सयोंजक कांग्रेस की राजनीति में तेज़ी से उभरते युवा नेता अनीष कुमार है जो राजस्थान प्रदेश सरपंच संघ, प्रथ्वीराज नगर संयुक्त जनसंघर्ष समिति,अंडरपास संयुक्त जनसंघर्ष समिति,अॉल कोचिंग इंस्टीट्यूट महासंघ,अॉल किरायेदार महासंघ जैसे कईं बड़े संघटनों के प्रणेता तथा संघटन कर्ता हैं ,यही नहीं आधार कार्ड की योजना में तत्कालीन मनमोहन सरकार के साथ इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा हैं
लगभग पाँच वर्ष पूर्व प्रसिद्ध समाज सेवी जय सिहं सेटिया के साथ गांधी टीवी की स्थापना कर कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े होने का सबूत देने वाले अनीष कुमार ने तीन वर्ष पूर्व प्रदेश सह संयोजक के रूप में कांग्रेस पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ट में कार्य करना शुरू किया पिछले एक वर्ष से अनीष कुमार शहर महासचिव के रूप में मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास की टीम के प्रमुख सदस्य के रूप में उभरे हैं
लोकडाउन के दौरान ज़रूरतमंद लोगों को भोजन उपलब्ध कराने तथा पैदल चल रहे मज़दूरों की मदद करने के रूप में इनकी ख्याति बहुत अधिक बड़ी है.इसी दौरान केन्द्र सरकार को पैदल चल रहे मज़दूरों के मामले में तीन दिन का अल्टीमेटम देकर देश भर के लगभग डेढ़ हज़ार पत्रकारों के साथ मज़दूरों को घरों तक पहुँचाने के लिए चलाए गये इनके सफल आंदोलन ने सुर्खियां बटोरी थी
इसी दौरान बिना किसी महामारी अधिनियम के तहत अधिकार प्राप्त उच्च अधिकारी के इजाज़त के तथा बिना कोरोना टेस्ट कराए बाल गृहों में जाकर बाल गृहों को नाहक़ परेशान कर रहे बाल अधिकारिता विभाग की हठधर्मिता के रूप मेंअनीष कुमार को बेहद संवेदनशील मुद्दा मिल गया है बाल गृहों मे कोरोना जाँच के नाम पर सामाजिक एवं न्याय अधिकारिता विभाग के कर्मचारियों की प्रताड़ना के बहाने सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के ख़िलाफ़ राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी अनीष कुमार के द्वारा कर ली गई है जिसकी भनक किसी को भी नहीं लगी हैं
मन्ना इन द डेसर्ट सोसाइटी के बाल गृह के रूप में अनीष कुमार को अचानक ही बेहद संवेदनशील मुद्दा हाथ लग गया है
वे तुरंत इसे भुनाने में लग गये और दर्जनों बड़े नेताओं का नैतिक समर्थन इस दिशा में अॉल NGO महासंघ बनाकर हॉसिल भी कर लिया .

तहलका,ई टीवी,पत्रिका,सुदर्शन न्यूज़ जैसे दो दर्जन से भी अधिक बड़े मीडिया हाउस में कार्य कर चुके अनीष कुमार सफल मीडिया रणनीतिकार के रूप में भी जाने जाते हैं
मन्ना बाल गृह के मामले मे कईं मंत्रियों तथा मुख्यमंत्री के साथ ही राष्ट्रीय स्तर के कांग्रेसी नेताओं सीधी पहुँच होने के बावजूद किसी से सिफ़ारिश नहीं करवाकर इस मुद्दे को भुनाने के लिए अनीष कुमार द्वारा चुपचाप बड़े स्तर पर बिसात बिछा ली गयी है जिसका संबंधित विभाग के अधिकारियों तथा इंटेलिजेंस को कानों कान ख़बर तक नहीं लगी हैं.
ख़बर लिखे जाने तक विभाग ने इस मामले में लिप्त दोषियों कर्मचारियों की बागडोर जा रही है तथा अनीश कुमार का तेज़ी से समर्थन प्राप्त करने की रणनीति भी जारी है बहरहाल कांग्रेस के ही एक सिपाही का कांग्रेस राज में व्याप्त अन्याय के ख़िलाफ़ लड़ाई की रोचकता आने वाले समय में हम सभी को देखने को मिल सकती है