डॉ नरेश गोस्वामी 69 साल की उम्र में भी युवा जोश के साथ, समाज ,परिवार व देश के लिए कुछ कर गुजरने का हौंसला रखते हैं,,

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बहुआयामी प्रतिभा के धनी हैं भविष्यवक्ता,डॉ गोस्वामी,,,,

जयपुर/अजमेर 7 मई2019।(निक विशेष) कौन कहता है कि आसमान में सुराख नहीँ होता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों,,,,, इसी जज़्बे के साथ अपना जीवन युवा जोश के साथ व्यतीत कर रहे हैं डॉ नरेश।
मुख्य रसायनिज्ञ के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी 69 साल की उम्र में डॉ गोस्वामी,परिवार, समाज को एकजुट देखना चाहते हैं।
अपनी पुरानी खुशनुमा यादों का जिक्र करते हुए बताते हैं कि जयपुर में आयोजित एक कांफ्रेंस में कैंसर लवण कम्पाउंड (जिसका निर्माण उन्होंने ही किया था)पर विचारविमर्श करते हुए हर्वे.प्रोफेसर हेलना ने उन्हें 300 डॉलर की फ़ेलोशिप का ऑफर देते हुए उन्हें पोलैंड आमंत्रित किया, लेकिन डॉ गोस्वामी पारिवारिक वजह से पोलैंड जा नहीं सके।
इसी दौरान एक सेशन में फार्मेसी कॉलेज टोकयो के हेड प्रोफेशर मोटो हासी ,जापान के साथ भी उन्होंने बहुत अच्छा वक्त बिताया।
अपने मुख्य रसायनिज्ञ पद पर रहते हुए डॉ नरेश ने सरकार से करोड़ों रुपये अनुमोदित करा कर, एक दो कमरों में चलने वाली प्रयोगशालाओं को पुननिर्मित कराया,साथ ही नई लैब्स का भी निर्माण करवाया । जो आज सुचारू रूप से कार्य कर रही हैं। विभाग आज भी उनके योगदान को भुला नहीं पाया है।
डॉ गोस्वामी शुरू से ही जुझारू व्यक्तित्व के रहे हैं, काम के प्रति उनके लगाव को सब अपने अंदर समाहित करना चाहते हैं। परिवार,समाज और देश के लिए उनके अंदर हमेशा से ही पीड़ा रही है,वह उम्र के इस पड़ाव पर भी अपना सक्रिय योगदान देने में सबसे आगे रहते हैं। इनकी धर्म पत्नी कल्पना गोस्वामी हमेशा डॉ नरेश के साथ कंधे से कंधा मिलाए सहयोग करती हैं।

पत्नी कल्पना गोस्वामी की मांग में सिन्दूर की रस्म अदा करते हुए