डिस्पोज़ल प्लास्टिक का प्रयोग ना करें:-ज़िला कलेक्टर

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*जिला कलक्टर ने दिये सरकारी कार्यालयों में डिस्पोजल प्लास्टिक का उपयोग नही करने के निर्देश*
*कम्पोस्टेबल प्लास्टिक, प्राकृतिक फेब्रिक्स, पुनर्चक्रीत कागज जैसे विकल्पों के प्रयोग को प्रोत्साहित करे*

जयपुर, 22 फरवरी2019।(निक विशेष) जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री जगरूप सिंह यादव ने जिले में संचालित विभिन्न सरकारी कार्यालयों के कार्यालध्यक्षों को अपने अधीन संचालित कार्यालय एवं संस्थानों में प्रतिबंधित एकल उपयोग प्लास्टिक (डिस्पोजल प्लास्टिक) का उपयोग नही करने और इसके स्थान पर कम्पोस्टेबल प्लास्टिक, प्राकृतिक फेब्रिक्स, पुनर्चक्रीत कागज जैसे विकल्पों के प्रयोग को प्रोत्साहित करने के लिए सभी को निर्देशित करने के लिये आदेश जारी किया है।
जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री यादव ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर सन 2020 तक प्रतिबंधित एकल उपयोग प्लास्टिक का उपयोग पूर्ण रूप से समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह डिस्पोजल प्लास्टिक पर्यावरण के लिये बहुत हानिकारक है।
जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेन्ट नियम-2016 के अन्तर्गत एकल उपयोग प्लास्टिक कैरी बैग्स और एकल उपयोग प्लास्टिक शीट जो कि किसी भी प्रकार के समान को लेपेटने या पैक करने के काम आती है तथा उनकी मोटाई 50 माईक्रोन से कम है उनको प्रतिबंधित श्रेणी में रखा गया है। इसके तहत सभी प्रकार के एकल उपयोग प्लास्टिक कैरी बैग्स चाहे वे हैण्डल युक्त या हैण्डल रहित हो, यदि उनकी मोटाई निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप नहीं है तो उनका उपयोग नही किया जा सकता। एकल उपयोग प्लास्टिक छुरी, कांटे जिसमें प्लेट, प्लास्टिक कप, ग्लास, स्ट्रा, सजावटी सामान अथवा प्लास्टिक कन्टेनर आदि भी यदि निर्धारित मापदण्ड में नही है, तो उनका उपयोेग प्रतिबंधित है। इसी कारण सरकारी कार्यालयों में इनके विकल्पों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिये गये है। साथ ही इस संबंध में जागरूकता के लिये अभियान चलाने के भी निर्देश दिये गये है।
*चुनावों के लिये जिले के राजनैतिक दलों से अपेक्षा*
जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि आम चुनाव प्रचार सामग्री में पोस्टर, कटआउट, होर्डिग व बैनर आदि के निर्माण में भी प्लास्टिक का प्रयोग राजनैतिक दलों द्वारा किया जाता है। चुनाव के बाद यह प्रचार सामग्री अनुपयोगी हो जाती है और प्लास्टिक अपशिष्ट में परिवर्तित हो जाता है, जिसे चुनाव बाद एकत्र नही किया जाता। इसके भी दुष्परिणाम देखने को मिलते है। अतः जिले में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी आगामी लोकसभा चुनाव में प्रचार प्रसार एवं सामान्य उपयोग में प्रतिबंधित एकल उपयोग प्लास्टिक (डिस्पोजल प्लास्टिक) का उपयोग नही करने और इसके विकल्पों के प्रयोग को प्रोत्साहित करने के बारे में आदेश जारी कर अपेक्षा की गई है कि वे प्रतिबंधित श्रेणी के प्लास्टिक का उपयोग प्रचार प्रसार सामग्री के रूप में नही कर पर्यावरण के संरक्षण में अपना योगदान देंगे।
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