कमल को धूल में मिलाएंगे इस बार राजपूत

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राजपूत आरक्षण मंच राजस्थान ने की ओबीसी में शामिल करने की मांग
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जयपुर 2 नवम्बर ।(NIK )राजपूत आरक्षण मंच राजस्थान पिछले 20 वर्षो से राजपूत समाज को ओबीसी वर्ग मे शामिल कर आरक्षण का लाभ दिलाने की मांग को लेकर आन्दोलनरत है ।यह कहना था प्रदेश अध्यक्ष सम्पत सिंह शेखावत व जयपुर सम्भाग के सतवीर सिंह का ।
वर्तमान की राजस्थान सरकार से राजपूत आरक्षण मंच राजस्थान की यही मांग रही है कि राजस्थान का राजपूत समाज सामाजिक एवम् शैक्षणिक रूप से पिछड़ा हुआ है और समाजिक तथा शैक्षिक पिछड़े वर्ग के लिए ओबीसी आरक्षण की व्यवस्था की गई है ।राजपूत समाज ओबीसी के मापदंड पर खरा उतरता है ।इस बाबत राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग से सर्वे करवाये जाने की आवश्यकता है ।हमारी मांग ओबीसी आयोग से सर्वे करवाया जाकर सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण दिये जाने की है परन्तु राजस्थान की मुख्यमंत्री जो राजपूत समाज से द्वेषता का भाव रखती है ने समाज की उचित मांग को नजरअंदाज कर दिया गया ।
इसके लिए मुख्यमंत्री के साथ ही पार्टी संगठन तथा राजपूत समाज के भाजपा विधायक दल के मौजूद सदस्य जिम्मेदार है ।आरक्षण मंच ने इस मामले पर भाजपा के राष्ट्रीय तथा प्रदेश नेतृत्व के साथ ही राजपूत समाज के समस्त मंत्री तथा विधायकगणो को समय समय पर समाज की मांग से अवगत कराया गया है ।
अब सरकार का समय समाप्त हो चुका है तथा इस सरकार को सबक सिखाने का समय आ गया है इसलिए राजस्थान की मुख्यमंत्री तथा भाजपा सरकार तथा भारतीय जनता पार्टी का विरोध किये जाने का निर्णय लिया जा चुका है ।
राजस्थान का राजपूत समाज राज्य की गैर कांग्रेसी राजनीति का केंद्र बिंदु रहा है ।चाहे वह स्वतंत्र पार्टी हो या जनसंघ हो या जनता पार्टी या आज की भारतीय जनता पार्टी हो राजस्थान के राजपूत समाज ने हमेशा ही संगठित होकर गैर कांग्रेसी राजनैतिक दल का आधार मजबूत किया है ।अर्थात राजस्थान के राजपूत भाजपा के संस्थापक है इसमे कोई अतिश्योक्ति नही ।इस परम्परा को 2018 के विधानसभा चुनाव मे तोड़ने की घोषणा की जा रही है ।
इस सबके लिए मुख्यमंत्री स्वयं तथा राजपूत समाज के वर्तमान सरकार मंत्री तथा विधायक है ।
राजपूत समाज की ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर सर्वे करवाये जाने की मांग पर यदि कांग्रेस सहित कोई भी दल सकारात्मक संकेत देगा तो उसे समर्थन दिये जाने पर विचार किया जा सकता है ।क्योकि राजस्थान मे ओबीसी आयोग भी बना हुआ है और कोई भी समाज जो ओबीसी के निर्धारित मापदंड के आधार पर आरक्षण से वंचित है तो उस समाज /जाति का सर्वे करवाया जा सकता है ।क्या लोकतांत्रिक व्यवस्था के अन्तर्गत यह मांग नाजायज है ?
नही, समाज की यह मांग जायज है ।
इस सम्बंध मे अंतिम निर्णय लिया , प्रदेश प्रतिनिधि तथा प्रदेश कार्यकारिणी की मिटिंग में दिनांक 11 नवम्बर को लिया जाएगा ।