राजकीय नर्सिंग कॉलेजो में टीचिंग फैकल्टी के पदो पर प्रशासनिक,वितीय एवं सीधी भर्ती कि स्वीकृति हेतु ,, राजकीय नर्सिंग कॉलेजों में शिक्षकों की सीधी भर्ती हेतु सयुंक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई आयोजित,

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जयपुर 20 सितंबर 2022।(निक चिकित्सा) ग्लोबल फ़ाउंडेशन फॉर नर्सिंग प्रॉफ़ेशन एंड सोशियल सर्विसेज, राजस्थान संविदा नर्सेज एसोसिएशन एवं राजस्थान प्राइवेट नर्सेज एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में नए खोले गए राजकीय नर्सिंग कॉलेजो में टीचिंग फैकल्टी के पदो पर प्रशासनिक,वितीय एवं सीधी भर्ती कि स्वीकृति हेतु प्रेस कॉन्फ्रेंस की गयी |

ग्लोबल फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष ओमप्रकास स्वामी ने बताया की हाल ही मे राज्य सरकार ने राजमेश के तहत लगभग 27 नए नर्सिंग कॉलेज स्वीकृत किए है साथ है पूर्व में 8 सव वितपोषित नर्सिंग कॉलेज तथा आरयूएचएस कॉलेज ऑफ नर्सिंग संचालित है परंतु आज दिनांक तक इन सभी कॉलेजों मे नर्सिंग शिक्षकों कि सीधी भर्ती नहीं हुयी है|
राज्य सरकार ने अस्पतालो के स्टाफ (ग्रेड नर्स -2) को ही इन कॉलेजों मे कार्य व्यवस्था हेतु लगाया है, साथ ही एएनएम टीसी एवं जीएनएम टीसी के प्रधानाध्यापकों को राजमेश के अंतर्गत संचालित नए नर्सिंग कॉलेज मे प्रधानाचार्य का अतिरिक्त कार्यभार सौपा है इनमे से ज़्यादातर प्रधानाध्यापक बी. एससी. नर्सिंग योग्यता रखते है जो की नर्सिंग कॉलेजों के लिए अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव नहीं है, साथ ही यह रेग्युलेटरी बॉडी के मापदंडो के सरासर विरुद्ध भी है |

    राजस्थान मे पिछले कई सालों से नर्सिंग शिक्षकों की कोई भी सीधी भर्ती नहीं निकाली गयी है |यहाँ तक की राजस्थान मे अनेक स्ववित्तपोषित महाविद्यालय नर्सिंग का कोर्स विगत कई वर्षो सें करा रहे हैं| जबकि इन सभी स्ववित्तपोषित सरकारी कॉलेजो मे शेक्षणिक स्टाफ को हॉस्पिटल से (स्टाफ नर्स) एवं नर्सिंग स्कूल से नसिंग ट्यूटर पद से पद विरुद्ध पद स्थापन कर करके लगाया गया है जो की किसी भी सूरत मे न्याय/तर्क संगत नहीं है| अकेले राजस्थान राज्य मे ही लगभग 5800 ग्रेजुएट व पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षक प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों मे कार्यरत है और तो और रोजगार मांगने पर या शिकायत पर जिम्मेदार अधिकारी किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं करते अपितु नयी भर्ती निकालने की बात पर अपना पल्ला झाड लेते है| विगत बजट में राज्य के मुख्यमंत्री जी की घोषणानुसार समस्त जिलों में नर्सिंग महाविध्यालय खोला जाना प्रस्तावित है और आज दिनांक तक नए महाविध्यालय खोल भी दिये गए परंतु राज्य सरकार के अंतर्गत संचालित नर्सिंग महाविध्यालयों में आज दिनांक तक नियमित पद स्थापन नहीं हुया है हाल ही मे राज्य के मुख्यमंत्री जी ने भी राज्य मे अटकी सभी भर्तियों को निकालने के लिए कहा है|साथ ही मुख्यमंत्री जी ने कहा की जहा आवश्यकता हो वहा नियमों में संशोधन कर भर्ती प्रक्रिया को प्रारम्भ किया जाना सुनिचित करे और दूसरी तरफ राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविधालय द्वारा बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक दिनांक 4/10/2019 में भी नर्सिंग कॉलेज में भर्ती के लिए निर्णय लिया गया था पर इस पर भी अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गयी है अपितु अपने ही निर्णय की अवहेलना कर प्रतिनियुक्ति पर पदस्थापन कर दिया गया|
    यहाँ यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है की माननीय चिकित्सा एवं स्वस्थ्य मंत्री राजस्थान सरकार के स्पस्ट निर्देश है की कोई भी चिकित्सा एवं नर्सिंग क्रमी पद विरुद्ध कार्य वयवस्था एवं प्रतिनियुक्ति पर नहीं लगाया जाय परंतु इसके बावजूद भी नए नर्सिंग कॉलेजों मे पद विरुद्ध अनुभव हीन व कार्यवायवस्था के अनुरूप ही स्टाफ लगाए गए जो की स्वयं राज्य सरकार के आदेशों की अवहेलना है|जिसकी वजह से सम्पूर्ण नर्सिंग प्रॉफ़ेशन के युवावों मे भयंकर रोष व्यापत है| तथा नर्सिंग शिक्षको की सीधी भर्ती पर कुठारघाट है जो की सरासर गलत एवं न्याय विरुद्ध है|
    राजस्थान संविदा नर्सेज एसोसिएशन अध्यक्ष श्री गिरीश शर्मा ने बताया की आज इस संबंध मे विस्तृत चर्चा कर प्रेस कॉन्फ्रेंस के मध्यम से राज्य सरकार से इन सभी नए राजकीय नर्सिंग कॉलेजो में टीचिंग फैकल्टी (प्रधानाचार्य1,उपप्रधानाचार्य1, आचार्य 2,सहआचार्य 5, सहायक आचार्य 9, नर्सिंग ट्यूटर 28) के पदो पर प्रशासनिक,वितीय एवं सीधी भर्ती कि मांग की गयी अन्यथा मजबूरन आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा|
    डॉ. योगेश यादव, टीएनएआई महासचिव ने बताया की नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता एवं शोध को बढ़ावा देने के लिए राजकीय नर्सिंग कॉलेजों में मापदंडो अनुसार नियमित एवं सीधी भर्ती प्रक्रिया आविलम्ब शुरू की जानी चाहिए|
    इस संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस मे रवीद्र शर्मा, डॉ पवन शर्मा,सुनील शर्मा, रामधन गिल्ला हेमंत त्यागी, कृष्णा नन्द मित्तल, विकास गौतम, जितेंद्र जैन, सुभाष शर्मा, शिवकुमार शर्मा सहित संस्थाओं के सदस्य उपस्थित रहे|

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