पुलिस प्रताड़ना से परेशान होकर भटक रही आरएएस ऑफिसर की 85 वर्षीय मां,,

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जयपुर 29 अगस्त 2022।(निक क्राइम) राजस्थान के भरतपुर में पोस्टेड आरएएस ऑफिसर सुभाष चंद्र गोयल की 85 वर्षीय मां सुरजा देवी भू-माफिया और पुलिस से परेशान होकर दर-दर भटक रही हैं। बुजुर्ग महिला की तरफ से FIR में पुलिस ने एक भूमाफिया को गिरफ्तार कर लिया और चालान पेश करने की तैयारी चल रही थी, उसी में अचानक पुलिस पलटी खा गई।

पता चला कि किसी बड़े पुलिस अधिकारी के बीच में इंवॉल्वमेंट से पुलिस के सुर बदल गए। जो पुलिस कुछ दिन पहले तक RAS ऑफिसर की बुजुर्ग मां महिला की FIR में भू माफिया गिरोह को दबोचने के लिए छापे मारती घूम रही थी, वह अचानक अब इनके ही खिलाफ हो गई। घर में घुसकर बुजुर्ग महिला से जबरन खाली दस्तावेजों पर अंगूठा लगवा लिया और अब आरएएस ऑफिसर की मां और परिवारजनों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी देकर लगातार डराया जा रहा है। आरएएस ऑफिसर खुद भरतपुर में पोस्टेड हैं, ऐसे में जयपुर के मुरलीपुरा में रहने वाली मां के साथ हुए इस घटनाक्रम की उन्होंने पुलिस महानिदेशक और जयपुर कमिश्नर से ईमेल पर शिकायत की है। जल्द ही उन्होंने जयपुर आकर इस मामले में सीनियर ऑफिसर्स से मिलकर पूरे प्रकरण से अवगत कराने की बात भी कही है।

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    पुलिस महानिदेशक को की गई शिकायत में आरएएस अफसर ने आरोप लगाया है कि ” मेरी माताजी के नाम से सिरसी रोड जयपुर की गंगासागर स्कीम में श्री लक्ष्मी गृह निर्माण सहकारी समिति का आवासीय पट्टा दिनांक 20.08.1987 को जारी किया हुआ है । इसी भूखंड का अनाधिकृत व्यक्तियों ने कूटरचित तरीके से फर्जी दस्तावेज बना लिए। इस संबंध में आरएसएस ऑफिसर के परिवार की तरफ से वैशाली नगर थाने में एक एफआईआर भी दर्ज कराई थी।
    मामले की जांच में अनाधिकृत व्यक्तियों द्वारा अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए कई थानों में जांच बदली गई। मामले की जांच ACP चौमू राजेंद्र निर्वाण कर रहें हैं। आरएस का आरोप है कि 25.08.22 एसीपी चोमू ने मेरी 85 वर्षीय वृद्ध (विधवा) मां सुरजी देवी स्व० शिशुपाल गोयल के बयान बिना किसी व्यस्क एवं समझदार व्यक्ति के होते हुए अपनी मर्जी से दर्ज कर लिए ‘गए। इस कार्यवाही पर हमें पूर्णतया आपत्ति है। वर्तमान् मेरी माताजी अपने बड़े पुत्र (मेरे बडे भाई) के साथ मुरलीपुरा रहती है। वे जब किसी कार्य से बाहर गए हुए थे तब उनकी अनुपस्थिति मे मेरी वृद्ध व अनपढ़ माताजी के बयान दर्ज किए गए या खाली कागजो पर अंगूठा लगाकर ले गए, हमे इसकी कोई जानकारी नहीं है। हमारे आवासीय भूखण्डो को हड़पने की साजिश से ASP चौमूं राजेंद्र निर्वाण दूसरे पक्ष से मिलकर अवैधानिक कार्यवाही की जा रही है जिसकी जांच कराई जाए। डीजीपी और पुलिस कमिश्नर को लिखित प्रार्थना पत्र मेंमें मांग करी है कि पुलिस अधिकारी से किसी व्यस्क पारिवारिक सदस्य की उपस्थिति में फराद जाकर पुनः बयान दर्ज कराये जावे। उक्त प्रकरण भूखण्ड संख्या.141, 142 से सम्बन्धित है।
    इस मामले में जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव के ड्राइवर सीताराम सेपट पर भी गंभीर आरोप है। पूरे मामले में पुलिस रहा और भूमाफिया के बीच सेटिंग वही बैठा रहा है। मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले एक बड़े पॉलीटिकल लीडर का भतीजा बताने वाला विक्रम राठौड़ इस पूरी कहानी का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। बुजुर्ग महिला और उसके परिवार ने आरोप लगाया है कि भू माफिया ओम प्रकाश खींचड़ के इशारे पर आर ए एस ऑफिसर की मां और उनके परिवार वालों को परेशान किया जा रहा है।