हरतालिका तीज आज,,जय पार्वती माता, जय पार्वती माता।। श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता, सदा सुखी रहता, सुख संपति पाता,, जाने हरतालिका तीज की कथा,,

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जयपुर। कथा इस प्रकार है कि पिता के यज्ञ में अपने पति शिव का अपमान देवी सती सह न सकीं। उन्‍होंने खुद को यज्ञ की अग्नि में भस्‍म कर दिया। अगले जन्‍म में उन्‍होंने राजा हिमाचल के यहां जन्‍म लिया और पूर्व जन्‍म की स्‍मृति शेष रहने के कारण इस जन्‍म में भी उन्‍होंने भगवान शंकर को ही पति के रूप में प्राप्‍त करने के लिए तपस्‍या की। देवी पार्वती ने तो मन ही मन भगवान शिव को अपना पति मान लिया था और वह सदैव भगवान शिव की तपस्‍या में लीन रहतीं। पुत्री की यह हालत देखकर राजा हिमाचल को चिंता होने लगी।

इस संबंध में उन्‍होंने नारदजी से चर्चा की तो उनके कहने पर उन्‍होंने अपनी पुत्री उमा का विवाह भगवान विष्‍णु से कराने का निश्‍चय किया। पार्वतीजी विष्‍णुजी से विवाह नहीं करना चाहती थीं। पार्वतीजी के मन की बात जानकर उनकी सखियां उन्‍हें लेकर घने जंगल में चली गईं। इस तरह सखियों द्वारा उनका हरण कर लेने की वजह से इस व्रत का नाम हरतालिका व्रत पड़ा। पार्वतीजी तब तक शिवजी की तपस्‍या करती रहीं जब तक उन्‍हें भगवान शिव पति के रूप में प्राप्‍त नहीं हुए। तभी से पार्वतीजी के प्रति सच्‍ची श्रृद्धा के साथ यह व्रत किया जाता है।

    हरतालिका तीज आरती
    जय पार्वती माता जय पार्वती माता
    ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।
    जय पार्वती माता जय पार्वती माता।।
    अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता
    जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता।
    जय पार्वती माता जय पार्वती माता।।
    सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा
    देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा।
    जय पार्वती माता जय पार्वती माता।।
    सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता
    हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।
    जय पार्वती माता जय पार्वती माता।।
    शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता
    सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा।
    जय पार्वती माता जय पार्वती माता।।
    सृष्ट‍ि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता
    नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता।
    जय पार्वती माता जय पार्वती माता।।
    देवन अरज करत हम चित को लाता
    गावत दे दे ताली मन में रंगराता।
    जय पार्वती माता जय पार्वती माता।।
    श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता
    सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।
    जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता