मंदिरों में भोग प्रसादी और व्यवस्था कार्य को सराहा — आर्ष संस्कृति दिग्दर्शक ट्रस्ट और राष्ट्रीय हिंदू एकता मंच की पहल — मंदिरों में भोग प्रसाद के लिए पहली बार संगठन ट्रस्ट आया आगे

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जयपुर 14 मई 2020।(निक धार्मिक) आर्ष संस्कृति दिग्दर्शक दग्दर्शक ट्रस्ट व राष्ट्रीय हिंदू एकता मंच के बैनर तले लोक डाउन में बंद रहे गुलाबी नगर परकोटे के मंदिरों में किए गए भोग प्रसादी की व्यवस्था के लिए करपात्री जी महाराज की संस्था अखिल भारतीय धर्म संघ खरगोन मध्य प्रदेश की अध्यक्ष डॉक्टर कल्याणी चैतन्य ब्रह्मचारिणी
श्री श्री अम्माजी ने आर्ष संस्कृति दिग्दर्शक ट्रस्ट के अध्यक्ष विजय शंकर पांडे और राष्ट्रीय हिंदू एकता मंच के अध्यक्ष कृपाल सिंह जी के कार्य की आत्मीय सराहना की उन्होंने विषम परिस्थितियों में किए इस प्रकार इनके द्वारा किए जा रहे निस्वार्थ और भावपूर्वक कार्य के लिए सभी से आगे आने को कहा है
जानकारी के अनुसार ट्रस्ट के अध्यक्ष विजय शंकर पांडे सन 2015 से ही जयपुर शहर में मंदिरों को तोड़ने का विरोध करने के साथ ही देवालयों के संरक्षण और उनके निर्माण सहित शहर में होने वाले धार्मिक आयोजनों के साथ निरंतर गतिविधियों में निरंतर प्रयासरत हैं
लोक डाउन के समय जब मंदिरों में विकट स्थिति पैदा हो गई और लगातार लगभग डेढ माह तक किसी संगठन संस्था और ट्रस्ट ने जब मंदिरों की ओर रुख नहीं किया ना ही कोई व्यवस्था कराई

तो आर्ष संस्कृति दिग्दर्शक ट्रस्ट की ओर से पहल की गई जिसमें राष्ट्रीय हिंदू एकता मंच भी साथ आया और अब शहर परकोटा के मंदिरों को जरूरत के हिसाब से चिन्हित कर भोग प्रसादी के लिए शुद्ध उच्च क्वालिटी के लगभग 100 पैकेट सूखी सामग्री उपलब्ध करवाई गई इस विकट समय में सराहनीय कार्य के लिए शहर के भक्तों मंदिर पुजारियों ने सहयोग कर्ताओं को इस महान पुनीत देवकार्य के लिए आशीर्वाद देते हुए अन्य मंदिरों के लिए भी सहयोग की अपील की है इस नेक कार्य के लिए जनकल्याण धर्म रक्षार्थ देवालयों मंदिरों में किए जा रहे इस अमूल्य योगदान के लिए अखिल भारतीय धर्म संघ अध्यक्ष डॉ कल्याणी चैतन्य ब्रह्मचारी ने विजय शंकर पांडे को व कृपाल सिंह जी को प्रशंसा पत्र देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया है उन्होंने इस विषम परिस्थितियों में किए जा रहे कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि जो दूसरों व देवों के लिए अपने को समर्पित कर देता है भगवान उसकी सदैव रक्षा करते हैं
पांडे ने बताया कि उनका यह कार्य निरंतर जारी है और भोग प्रसाद स्वरूप मंदिरों में घी आटा चावल दाल के पैकेट वितरण का कार्य निरंतर जारी रहेगा