गुलाबी नगरी में शुक्रवार को मानवीय संवेदना को दम तोड़ते हुए देखा गया,,पत्रकार गोविन्द व पीसीआर कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह की सजगता से घायल को मिली जिंदगी,108 एम्बुलेंस यूनियन के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह भी नहीँ भिजवा पाए समय पर एम्बुलेंस, बात मंत्री तक पहुंची,,

381

जयपुर 20 मार्च 2020।(निक सामाजिक)दोपहर लगभग एक बजे एक लावारिस घायल जयपुर जंक्शन के बिल्कुल नजदीक स्थित मेट्रो रेल स्टेशन के मेट्रो पिलर नम्बर 150, परिवहन मार्ग पर घायलावस्था में तड़पता रहा किसी ने सुध नहीँ ली। वहाँ से गुजर रहे पत्रकार गोविन्द गोपाल व योगेंद्र ने हालात की गम्भीरता को समझते हुए 108 एम्बुलेंस को कई बार कॉल किया, बावजूद मौके पर एम्बुलेन्स नहीं पहुंची।
आखिरकार संबंधित विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं
मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास के आश्वासन के बाद मौके पर थाना विधायक पुरी की पीसीआर ने पहुंचकर घायल को अस्पताल पहुंचाया। सुरेंद्र सिंह,(पीसीआर हैड कांस्टेबल)के अनुसार ट्रॉमा वार्ड के डॉक्टर ने बताया कि सिर व अन्य में कोई गम्भीर चोट नहीँ है,घायल जल्द ठीक हो जाएगा।
अब सवाल यह उठता है कि चिकित्सा विभाग के अंतर्गत आने वाले 108 के कर्मचारियों ने समय रहते एम्बुलेन्स को मौके पर भेजना जरूरी नहीं समझा,

एम्बुलेंस यूनियन के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह को भी फोन से सूचना दी तो उनके कहने पर भी एम्बुलेंस नहीँ पहुंची,तो फिर एक मंत्री को कॉल करके समस्या से अवगत करवाना पड़ा।
तो राज्य सरकार की तरफ से प्रदेश में ये कैसी इमरजेंसी चिकित्सा व्यवस्था लागू की गई है, जहां आमजन की समस्या की कोई सुनवाई नहीं की जाती।