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महेश ,जयपुर बम्ब ब्लास्ट का शिकार, 2 वक्त की रोटी को है मोहताज़, शादीशुदा बहनों के रहमोकरम पर गुजार रहा है जिंदगी,, मात्र एक किडनी औऱ माँ के आंचल के सहारे, 13 मई को बरसी मना ली जाती है बस,, 11 साल बाद न्याय की उम्मीद जगी, एक को छोड़कर बाकी आरोपी दोषी करार दिए गए ,20 को सजा सुनाने की उम्मीद

जयपुर 18 दिसम्बर 2019।(निक विशेष) आज की कलुयुगी दुनिया में विदेशी संस्कृति के अनुसार हम भारतीय जो हमेशा मानवीय पहलुओं के संदर्भ में विश्व में अपनी एक अलग पहचान रखतें है, पर 21वीं सदी व पाश्चात्य 5 सितारा संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के आगे नतमस्तक हैं, नतीजा,हम सब days कल्चर के शिकार होते जा रहे हैं, या अब हम days मना कर सामाजिक,वैचारिक व मानवीय संवेदना प्रस्तुत कर इतिश्री कर स्वार्थ मय जीवन जीने के आदि होते जा रहे हैं।
इसी बढ़ती हमारी so called संस्कृति का असली पीड़ित है सीरियल जयपुर बम्ब ब्लास्ट का # महेश चेनानी #,

जो 13 मई 2008 की शाम ढलते समय में बड़ी चौपड़ के खंदे स्थित जूतीचप्पल, की दुकान में सेल्समेन के नाते अपनी नौकरी कर रहा था, नियति को शायद कुछ और मंजूर था, चांदपोल हनुमान जी के मंदिर से सीरियल बम्ब ब्लास्ट का सिलसिला छोटी चौपड़ तक भी ना थमा, हज़ारों जिंदगी लील गया वो हादसा।
महेश बैठा ग्राहक की तलाश में,अचानक आवाज़े चीखपुकार, लाशों के ढेर,कुछ घायल महेश की दुकान के आसपास नज़र आये ,महेश लगा उन्हें बचाने,मानवता के नाते महेश ऐसा लिप्त हुआ कि खुद पर लगे छरर्रे से उतपन्न दर्द को भूल घायलों को बचाने में सारी ऊर्जा लगा दी, सिर्फ इंसानियत के नाते,,,,I
पीड़ित महेश ने हादसे के कुछ घण्टे बाद अपने आपको SMS अस्पताल पाया तो समझ आया कि वो खुद बम्बब्लास्ट का गम्भीर शिकार हुआ है,और ऑपरेशन के दौरान अपनी एक किडनी गंवा चुका है,,,
13 मई भर्ती हो चुका था महेश,,,औरों गम देखा तो, हम अपना गम भूल चुके,,
गंवा चुका है बमब्लास्ट हादसे में अपनी किडनी, एक किडनी से जीवन जी रहा है, अपनी माँ के साथ,,, यह है आज की हक़ीक़त,,
जब हादसे 2008 की बात करें तो महेश को वसुंधरा सरकार से मिले थे 1.5 लाख रुपये जो असपताल के इलाज में खर्च हो गए ,शुरू में महेश बदहवास उस हादसे के सदमे से नहीँ निकल सका, दुबारा 2019 में सदमें के शिकार महेश को एकबार फिर से अस्पताल भर्ती पड़ा।
आज की ताज़ा स्थिति की बात करें कि,,
तो माँ ,और महेश यह चाहते हैं कि हमे डेयरी या स्वरोजगार का साधन मुहैया कराएं । मेरी बहने हमें, माँ बेटे को।खाना लेकर आते हैं, इससे शर्म की।कोई बड़ी बात नहीं हमारे लिए।

    आर्थिक सहायता करने के लिए newindia खबर 8302118183 या पीड़ित महेश के फोन नम्बर 9351645871,,पर सम्पर्क किया जा सकता है व प्लाट नम्बर 50/132 मानसरोवर क्षिप्रा पथ पर व्यक्तिगत सम्पर्क कर सकते हैं।
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