गर्ल्स नॉट ब्राइड्स:बाल विवाह के अंत के लिए नेटवर्क का शुभारंभ

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*बालिकाओ ने उठाई आवाज,बालविवाह मुक्त होगा राजस्थान* वर्ष 2030 से पहले बाल विवाह को सिरे से खत्म करने का लक्ष्य

जयपुर 17 दिसम्बर (NIK social)बालविवाह की कुरूतियों को खत्म करने के उद्दयेश्य से गर्ल्स नॉट ब्राइड अभियान का आगाज किया गया ।
राजस्थान के बहुत से क्षेत्रों से आई बेटियों ने मंच के माद्यम से अपने अनुभव शेयर किए।देश विदेश से आये स्वेछिक संस्थओं ने अभियान को विधिवता लॉन्च करते हुए कहा कि हम लडकिया है केवल बहु नही। गर्ल्स नॉट ब्राइड्स के समन्वयक अरविंद ओझा ने कहा कि राष्ट्रीय बाल आयोग की एक रिपोर्ट के अनुसार बालविवाह की अधिकता के लिए चिन्हित भारत के सौ जिलों में से दस राजस्थान में हैं।प्रदेश में बालविवाह को खत्म करने के लिए इस अभियान के द्वारा प्रभावी समूह व योजना के तहत काम किया जाएगा।साथ ही इस मुहिम में ज्यादा से ज्यादा सामाजिक संगठनों व नागरिक समूह को जोड़ा जाएगा।कार्यक्रम के दौरान कई संस्थाओं की करीब 200 बालिकाओ ने भाग लिया।जिसमे से दस बालिकाओ ने मंच के माध्यम से अपनी कहानी अपनी जुबानी सुनायी।कल्प पहचान परियोजना की निवाई,झिलाय टोंक से आई बेटी रेणु कंवर ने अपनी कहानी अपनी जुबानी सुनाते हुए कहा की मैं राजपूत गरीब परिवार से हूँ।मेरी पढ़ाई 4 साल पहले छूट गयी थी।क्योंकि मेरे गांव ने कक्षा 8 के बाद स्कूल नही थी।मेरे एक छोटा भाई भी है जिसे घरवाले थोडी दूरी पर ही प्राइवेट स्कूल में पढ़ा रहे है। परंतु मेरे परिवार की माली हालत(गरीबी)के चलते परिजन दो बालकों का प्राइवेट स्कूल का खर्चा वहन नही कर सकते थे।लड़की होने के कारण पड़ने के लिए बाहर भेजना नही चाहते थे ।जिसके बाद मेरे गांव में ही कल्प पहचान परियोजना की शिक्षिकाओ व कार्यकर्ताओं ने सर्वे किया जिसकी जानकारी मुझे मिली और मैने भी उनसे संपर्क किया।और कहा कि मेरी जैसी यहां बहुत सी बालिकाएं है जो पढ़ना चाहती है पर पढ़ नही पा रही है।तब संस्था के कार्यकर्तों ने कहा कि आप सब लडकिया पढ़ना चाहती है तो हम आपके लिए निशुल्क पढ़ने के लिए पहचान शाला चालू करेंगे।और आपके हौसलों को नई उड़ान देंगे।वो दिन आज भी याद है मुझे पहचान, संस्था के कार्यकर्ताओं व शिक्षिकाओ की प्रेरणा से मैने 10 वी का प्राइवेट फॉर्म भरा पढ़ाई की और अच्छे नम्बरों से पास भी हुई।अभी मैं12 वी का ओपन से फॉर्म दाखिल किया है।आज मैं बहुत खुश हूं कि कल्प संस्था ने हम जैसी कई बालिकाओ को नई दिशा देकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।साथ ही मैं उपस्थित बालिकाओ को ये संदेश देना चाहूंगी कि लड़कियां किसी से कम नही है ।जो काम पुरुष वर्ग करता है उसी काम को हम उनसे भी बेहतर कर सकते है।मैं पढ़ाई करते हुए एक दक्ष प्रशिक्षक के रूप में अपने आपको देखना चाहती हूँ।अभियान की सीईओ लक्ष्मी सुंदरम ने कहा कि बालविवाह को खत्म करने के लिए विश्व स्तर पर यह अभियान चलाया जारहा है।इसके तहत 95 देशो के एक हजार से अधिक सामाजिक संगठन वैश्विक भगीदारी निभा रहे है।