हनुमान जी ना दलित,ना आर्य ,हैं तारणहार:सुषमा स्वराज

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जुबानी जंग ज़ोरों पर,,एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप
जयपुर 1 दिसम्बर । (NIK) जैसे जैसे चुनाव में मतदान की तारीख नजदीक आ रही है,राजनीतिक दलों की जुबान कैंची सी कतरनी की तरह चलने लगी है ।
ऐसा ही नजारा आज देखने को मिला ।
एक और कांग्रेस के राज में केंद्रीय वित्त मंत्री रहे पी.चिदम्बरम ने भाजपा को आड़े हाथ लिया वहीं दूसरी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कांग्रेस को जाति धर्म की राजनीति में जनता को उलझाने की बात कही ।
सुषमा ने कहा कि हम सकारात्मक राजनीति करते हैं ।
हनुमानजी को दलित की संज्ञा देने के जवाब में सुषमा स्वराज ने कहा कि मीडिया ने बयान पूरा नहीं दिखाया ,उस वक्तव्य के अंत मे कहा गया था कि हनुमान जी तारणहार हैं ना कि दलित । उन्होंने कहा कि किसानों की सुध केवल भारतीय जनता पार्टी ही लेती है,तब ही तो हमने ही किसानों के ऋण माफ किये ।
पी. चिदम्बरम ने पत्रकार वार्ता में भाजपा को जुमलों की पार्टी करार दिया , साथ ही राजस्थान में बिजली की बढ़ी हुई दरों व किसानों को बिजली ना देने की बात कही ।
वहीँ जनसभाओं में दोनों पार्टियों की तरफ से भाषा की मर्यादा को ताक में रख असंसदीय भाषा का जमकर प्रयोग किया जा रहा है ।
लब्बोलुआब यह है कि इस बार के चुनाव जन मुद्दों से भटक सिर्फ और सिर्फ मुद्दों को भटकाने का चुनाव साबित होने वाला है ।